देहात थाने पर उठे गंभीर सवाल: छात्रों से पैर छुलवाकर माफी मंगवाने का आरोप, न्याय की आस में SP के दरबार पहुंचे

Nikk Pandit
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सागर शर्मा ECG:शिवपुरी के देहात थाना क्षेत्र में 27 फरवरी की रात हुए विवाद के बाद दो छात्रों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जेल से जमानत पर छूटने के बाद सोमवार को दोनों छात्र अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी आर.के. पुरम निवासी बीए प्रथम वर्ष के छात्र दिव्यम सैनी और इंजीनियरिंग छात्र आशुतोष लोधी पर बजरंग दल के जिला संयोजक उपेन्द्र यादव की कार में तोड़फोड़ और रंगदारी मांगने का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने दोनों छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, हालांकि बाद में उन्हें न्यायालय से जमानत मिल गई।

छात्रों का आरोप: झांसी तिराहे पर टक्कर के बाद हुआ विवाद

छात्रों का कहना है कि घटना की रात झांसी तिराहे पर उपेन्द्र यादव की कार और उनके ओला स्कूटर की टक्कर हो गई थी। टक्कर के बाद दोनों पक्षों में विवाद हुआ, जिसमें आरोप है कि उपेन्द्र यादव ने कार से बेसबॉल का डंडा निकालकर उनकी पिटाई कर दी और स्कूटर भी क्षतिग्रस्त कर दिया। डर के कारण दोनों वहां से भाग गए।

थाने में बेइज्जती और धमकी का आरोप

छात्रों का आरोप है कि जब वे शिकायत दर्ज कराने देहात थाने पहुंचे, तब उपेन्द्र यादव पहले से अपने साथियों के साथ वहां मौजूद थे। उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय थाना प्रभारी के ऑफिस में उनसे उपेन्द्र यादव के पैर छुलवाकर माफी मंगवाई।

छात्रों के मुताबिक उस दौरान उपेन्द्र यादव और उनके साथी पुलिस के सामने ही उन्हें धमका रहे थे और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। साथ ही सामाजिक अपमान करने वाली गालियां भी दी गईं, लेकिन पुलिस मूक दर्शक बनी रही।

सीसीटीवी जांच की मांग

छात्र दिव्यम सैनी का कहना है कि पूरा घटनाक्रम देहात थाने के कैमरों में कैद है। उनका आरोप है कि झूठा केस दर्ज कर उन्हें अपराधी बना दिया गया और 8 दिन तक जेल में रहना पड़ा, जिससे उनका करियर खतरे में पड़ सकता है।

दोनों छात्रों ने एसपी से मांग की है कि मामले की पुनः निष्पक्ष जांच कराई जाए, देहात थाने के सीसीटीवी कैमरों की जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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