शिवपुरी में दहशत की रात: बस ऑपरेटर के घर घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग, सरपंच पति समेत 15 पर केस!

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी के कोतवाली क्षेत्र के सिंहनिवास गांव में रविवार रात करीब 10:30 बजे उस वक्त सनसनी फैल गई, जब हथियारों से लैस बदमाशों ने बस संचालक जय सिंह (19) के घर में घुसकर हमला कर दिया। आरोप है कि टेरर टैक्स की मांग और पुरानी रंजिश के चलते सरपंच पति प्रभात रावत और पूर्व मंत्री के भतीजे रोहित धाकड़ समेत अन्य लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया।

फायरिंग इतनी खतरनाक थी कि गोली जय सिंह के बाएं हाथ को छूते हुए निकल गई, जिससे वह बाल-बाल बच गया, लेकिन घर में मौजूद अन्य लोगों के साथ जमकर मारपीट की गई और दरवाजे तक तोड़ दिए गए।

पीड़ित जय सिंह के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले प्रभात, प्रमोद और प्रगट रावत से उनका 2017 से विवाद चला आ रहा है। रविवार रात तीनों भाई अपने साथियों के साथ 315 बोर की बंदूक, पिस्टल, देशी कट्टा, कुल्हाड़ी और लोहे की रॉड लेकर जबरन घर में घुस आए। प्रमोद रावत ने 315 बोर से फायर किया, जो जय सिंह के हाथ को छूकर निकल गया, जबकि प्रभात रावत ने पिस्टल से दो फायर किए। इसके बाद आरोपियों ने दीवान सिंह, मजबूत सिंह और अरविंद के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की और घर में तोड़फोड़ मचा दी।

घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही डायल 112 का सायरन मौके पर पहुंचा, सभी हमलावर भाग निकले। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने इलाके में एक गैंग बना रखी है, जो लोगों से टेरर टैक्स वसूलती है। जय सिंह पर भी पैसे देने का दबाव बनाया गया था, लेकिन मना करने पर इस तरह का जानलेवा हमला किया गया।

चौंकाने वाली बात यह है कि 2017 में भी इसी परिवार पर फायरिंग हुई थी, जिसमें जय सिंह की आंख में छर्रे लगे थे। वहीं मुख्य आरोपी प्रभात रावत पहले भी पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह को फोन पर जान से मारने और हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दे चुका है। उस मामले में पुलिस ने उसे जेल भेजा था, लेकिन हाल ही में जेल से छूटते ही उसने फिर से अपने साथियों के साथ यह वारदात कर दी।

पुलिस ने इस मामले में 12 नामजद और 3 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, गंभीर मारपीट और धमकी सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में रोहित धाकड़, प्रभात रावत, प्रमोद रावत, प्रगट रावत, दुष्यंत धाकड़, दीपक रावत, राजकुमार रावत, पवन रावत, छोटू उर्फ अरुण रावत, रवि जाट, आदित्य उपाध्याय और अंकेश दीक्षित शामिल हैं। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

❗ बड़ा सवाल: क्या शिवपुरी में अब खुलेआम ‘टेरर टैक्स’ वसूली का खेल चल रहा है? क्या पुलिस इस गैंग पर सख्त कार्रवाई कर पाएगी या फिर ऐसे हमले आगे भी होते रहेंगे?
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