सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी के तुलसी नगर, झांसी तिराहा क्षेत्र में उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब 48 वर्षीय धर्मू कुशवाह की ग्वालियर में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने शव को देहात थाना परिसर में रखकर करीब डेढ़ घंटे तक जोरदार हंगामा किया। परिजनों ने साफ तौर पर तीन पड़ोसियों पर हत्या का शक जताया है। आखिर सच क्या है—हादसा या साजिश?
📍 घटना कैसे हुई?
मृतक के बेटे आकाश कुशवाह के अनुसार, 24 अप्रैल को दोपहर करीब 12 बजे धर्मू घर पर थे, जबकि वह काम पर गया हुआ था। तभी सूचना मिली कि धर्मू तेंदुआ थाना क्षेत्र के डेरवारा में घायल अवस्था में मिले हैं।
उन्हें पहले कोलारस स्वास्थ्य केंद्र, फिर जिला अस्पताल और हालत बिगड़ने पर ग्वालियर रेफर किया गया, जहां शनिवार शाम करीब 7 बजे उनकी मौत हो गई।
⚠️ परिजनों के गंभीर आरोप
आकाश का आरोप है कि अमित गोस्वामी, तरुण शाक्य और बल्लू रावत उनके पिता को अपने साथ ले गए थे और उन्हीं के साथ कुछ हुआ।
उसने यह भी बताया कि घटना से एक दिन पहले विवाद हुआ था, जिससे शक और गहरा हो गया है।
❗ डर और गुस्सा दोनों
परिजनों का कहना है कि उन्हें आरोपियों से खतरा है और पहले भी तेंदुआ व देहात थाने में शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। क्या यही लापरवाही अब बड़े विवाद की वजह बनी?
🏢 पुलिस क्या कह रही है?
देहात थाना प्रभारी के अनुसार, धर्मू कुशवाह का पोस्टमार्टम ग्वालियर में हुआ है और मर्ग डायरी आने के बाद जांच तेंदुआ थाना पुलिस करेगी।
प्रारंभिक जानकारी में एंबुलेंस के जरिए बाइक से गिरने की बात सामने आई है, लेकिन क्या यही पूरी सच्चाई है?
❓ बड़ा सवाल
क्या यह सिर्फ एक हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है? क्या पुलिस इस मामले में सच्चाई तक पहुंच पाएगी या फिर मामला दब जाएगा?