सागर शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले के पोहरी वन परिक्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां वन विभाग ने वर्षों पुराने अतिक्रमण पर कड़ा प्रहार करते हुए करीब 40 हेक्टेयर वन भूमि को मुक्त कराया। यह कार्रवाई शुक्रवार को सबरेंज भैंसरावन की बीट धतुरिया और गढ़ा में की गई, जहां लंबे समय से अवैध कब्जा जमा हुआ था। सवाल उठता है—इतने सालों तक आखिर यह अतिक्रमण चलता कैसे रहा?
वन विभाग की जानकारी के अनुसार, कक्ष क्रमांक पी.एफ. 848 (धतुरिया) और पी.एफ. 849 (गढ़ा) में लगभग 10 साल पुराना कब्जा था। करीब 12 लोगों ने इस भूमि पर अवैध रूप से कब्जा जमा रखा था, जिनमें बब्बू गुर्जर, सुगीम गुर्जर, कन्हैया गुर्जर, दिनेश भील और संतोष भील सहित अन्य शामिल हैं। क्या प्रशासन की नजर पहले नहीं पड़ी, या फिर कार्रवाई में देरी के पीछे कोई और वजह थी?
बताया गया कि सभी अतिक्रमणकारियों को पहले ही भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। इसके बाद विधिवत बेदखली आदेश जारी हुए और अंततः सख्त कार्रवाई करते हुए कब्जा हटाया गया। यह पूरी कार्रवाई वनमंडलाधिकारी (सामान्य) शिवपुरी और उप वनमंडलाधिकारी के मार्गदर्शन में, तथा वन परिक्षेत्राधिकारी पोहरी के निर्देशन में संपन्न हुई।
कार्रवाई के दौरान वन परिक्षेत्राधिकारी श्रीमती श्रुति राठौर, वनपाल कन्हैया लाल राजे, नवल किशोर शर्मा, सतीश मांझी, गिर्राज शर्मा सहित वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि अब अवैध अतिक्रमण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
❗ बड़ा सवाल: क्या अब बाकी अतिक्रमणों पर भी इसी तरह की कार्रवाई होगी, या फिर कुछ जगहों पर अभी भी ढील बरती जाएगी?