सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में कृषि उपज मंडी का विवादित बाबू एक बार फिर सुर्खियों में है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुँचे पीड़ित व्यापारियों ने सीधे कलेक्टर अर्पित वर्मा के सामने गुहार लगाई और आरोप लगाया कि मंडी बाबू श्रीमान जैसवाल खुलेआम अवैध वसूली कर रहा है। मामला गंभीर देखते हुए कलेक्टर ने तुरंत एसडीएम को जांच सौंप दी… लेकिन क्या सिर्फ जांच से मिलेगा न्याय या फिर मामला ठंडे बस्ते में जाएगा?
⚠️ क्या है पूरा मामला?
व्यापारी शिवकुमार गुप्ता ने आरोप लगाया है कि बाबू जैसवाल ने शिवपुरी विधायक और मंडी डीएस के नाम पर ₹10,000 की अवैध मांग की। जब व्यापारी ने विरोध किया तो मामला और बिगड़ गया। आरोप है कि बाबू ने व्यापारी का तोल कांटा और अन्य सामान जब्त कर लिया, साथ ही धमकी दी—“व्यापार नहीं करने दूंगा!”
अब हालत ये है कि व्यापारी का काम पूरी तरह बंद है और परिवार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
🚨 पहले भी दागदार रहा है रिकॉर्ड!
यह कोई पहला मामला नहीं है… बाबू जैसवाल का नाम पहले भी विवादों में रहा है और उन पर एफआईआर तक दर्ज हो चुकी है। सवाल ये है कि इतनी शिकायतों के बावजूद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
🤐 विधायक और मंडी डीएस की चुप्पी क्यों?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है—
👉 क्या वाकई उनके नाम पर वसूली हो रही है?
👉 अगर नहीं, तो फिर अब तक कोई स्पष्ट बयान क्यों नहीं?
👉 क्या इस चुप्पी के पीछे कोई बड़ा खेल छुपा है?
❓ जनता पूछ रही है…
👉 क्या मंडी में भ्रष्टाचार का नेटवर्क सक्रिय है?
👉 बार-बार शिकायतों के बाद भी बाबू पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं?
👉 क्या गरीब व्यापारियों की आवाज ऐसे ही दबाई जाती रहेगी?
👉 क्या जांच सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगी?
⚖️ अब निगाहें जांच पर…
कलेक्टर द्वारा एसडीएम को जांच सौंप दी गई है, लेकिन असली सवाल है—क्या इस बार सच सामने आएगा या फिर फाइलों में दब जाएगा?
📢 “शिवपुरी फर्स्ट” की अपील:
अगर आपके साथ भी ऐसा कोई मामला हुआ है, तो चुप न रहें… आवाज उठाएं!