सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में सोमवार को गोवंश संरक्षण को लेकर जोरदार रैली निकाली गई, जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। धर्मशाला स्थित हनुमान मंदिर से शुरू हुई इस रैली में बड़ी संख्या में गोभक्त, संत समाज और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। रैली एप्रोच रोड, एबी रोड और जगतपुर मार्ग से गुजरते हुए तहसील कार्यालय पहुंची, जहां माहौल “गौमाता की जय” के नारों से गूंज उठा और लोगों का उत्साह साफ दिखाई दिया।
तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार प्रदीप भार्गव को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, देशी गोवंश की सुरक्षा और संवर्धन, गो-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए सख्त कानून बनाने और केंद्र स्तर पर गोसेवा मंत्रालय की स्थापना जैसी प्रमुख मांगें शामिल की गईं। गोभक्तों ने साफ कहा कि यह सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक मुद्दा भी है।
अब सवाल यह उठता है कि जब वर्षों से गोवंश संरक्षण की बात होती रही है, तो जमीनी स्तर पर ठोस बदलाव क्यों नहीं दिख रहा? क्या सरकार इन मांगों को गंभीरता से लेकर कोई बड़ा निर्णय लेगी या फिर यह आवाज भी कागजों में दबकर रह जाएगी? क्या गोवंश संरक्षण के नाम पर सिर्फ राजनीति होती रहेगी या वास्तव में कोई मजबूत नीति बनेगी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि आज गोवंश की स्थिति चिंताजनक है और यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। रैली ने एक बार फिर सरकार के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या अब कार्रवाई होगी या सिर्फ आश्वासन ही मिलेंगे?