सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी की कृषि उपज मंडी पिपरसमां से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां मंडी के बाबू जैसवाल पर व्यापारियों से अवैध वसूली करने के आरोप लगे हैं। पीड़ित व्यापारियों ने कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर दावा किया है कि उनसे बार-बार पैसों की मांग की जा रही है और विरोध करने पर धमकियां भी दी जाती हैं।
📍 शिकायत के अनुसार, मंडी कर्मचारी जैसवाल और एक अन्य कर्मचारी द्वारा ₹10,000 की मांग की गई। पैसे न देने पर व्यापारियों के तोल-कांटे तक उठा ले जाने और गाली-गलौज करने के आरोप हैं। पीड़ितों का कहना है कि पहले भी उनसे रकम ली जा चुकी है और अब फिर दबाव बनाया जा रहा है।
⚠️ और भी गंभीर आरोप—
👉 व्यापारियों से नियमित अवैध वसूली (मंथली) का सिस्टम
👉 “ऊपर तक सेटिंग” बताकर पैसे मांगने का दबाव
👉 छोटे व्यापारियों को काम नहीं करने देना
👉 मंडी सचिव की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है
🔥 शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि बाबू द्वारा “विधायक के नाम पर” भी वसूली की बात कही जा रही है, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
📢 व्यापारियों का कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और मंडी में चल रहे भ्रष्टाचार का पूरा नेटवर्क सामने आ सकता है।
❓ अब उठ रहे हैं बड़े सवाल:
👉 क्या मंडी में वसूली का संगठित खेल चल रहा है?
👉 क्या अधिकारियों की मिलीभगत से छोटे व्यापारी परेशान हैं?
👉 विधायक के नाम का इस्तेमाल—सच या दबाव बनाने की चाल?
👉 क्या प्रशासन निष्पक्ष जांच कर पाएगा?
📌 व्यापारियों ने कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।