सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न सिर्फ मारपीट और लूट का आरोप लगाया है, बल्कि पुलिस पर भी एफआईआर दर्ज न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला ग्राम ईंदरखी का है, जहां प्रार्थिया श्रीमती सोनम पत्नी रामवीर कुशवाह ने पूरे घटनाक्रम को विस्तार से बताया है।
बताया गया है कि राजेश कुशवाह की बेटी रेखा कुशवाह की शादी 21 अप्रैल 2026 को थी, लेकिन पुराने विवाद के चलते प्रार्थिया का परिवार शादी में शामिल नहीं हुआ। यहीं से विवाद ने उग्र रूप ले लिया। 22 अप्रैल की रात करीब 10:30 बजे, आरोपी राजेश कुशवाह और उसका बेटा चन्द्रेश कुशवाह मोटरसाइकिल से आए और घर के गेट को टक्कर मारकर तोड़ दिया। उस समय घर में केवल महिलाएं थीं—प्रार्थिया, उसकी सास श्रीमती बत्ती बाई और ननद प्रीति कुशवाह।
आरोप है कि आरोपी घर में घुस आए और बेहरमी से मारपीट की, जिससे शरीर में गंभीर चोटें आईं। इतना ही नहीं, प्रार्थिया का Vivo Y400 Pro 5G मोबाइल जमीन पर पटककर तोड़ दिया गया और गले से सोने का दो कड़ा वाला मंगलसूत्र छीनकर ले गए। जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दी गई।
मामला यहीं नहीं रुका। 23 अप्रैल को शाम करीब 4-5 बजे, प्रार्थिया के ससुर कल्लूराम कुशवाह जब घर के पास हैंडपंप पर बैठे थे, तब आरोपी फिर पहुंचे और लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
⚠️ सबसे बड़ा सवाल यहीं खड़ा होता है…
जब पीड़ित परिवार बदरवास थाने पहुंचा, तो आरोप है कि पुलिस ने FIR दर्ज करने के बजाय केवल NCR दर्ज की और मेडिकल करा दिया। आखिर क्यों? क्या इतनी गंभीर घटनाओं के बावजूद पुलिस कार्रवाई से बचती रही?
👉 आवेदन में यह भी उल्लेख है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और धमकी दे रहे हैं— “रिपोर्ट वापस लो, राजीनामा करो… नहीं तो अब जान से खत्म कर देंगे और गांव से बेदखल कर देंगे, चाहे कितना भी पैसा लग जाए।”
📌 प्रार्थिया ने साफ कहा है कि लगातार मिल रही धमकियों से उनके परिवार की जान-माल को खतरा है, और आरोपी कभी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं या झूठे केस में फंसा सकते हैं।
❓ बड़े सवाल जो उठ रहे हैं:
इतनी गंभीर घटना के बाद भी FIR क्यों नहीं दर्ज हुई?
क्या पुलिस पर किसी प्रकार का दबाव है?
खुलेआम धमकी देने वाले आरोपी अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए?
अगर पीड़ित परिवार के साथ कुछ अनहोनी होती है, तो जिम्मेदार कौन होगा?
📝 प्रार्थिया की मांग:
प्रार्थिया ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि
👉 आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की जाए
👉 उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
👉 और यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी आरोपियों की मानी जाए
⚡ यह मामला अब सिर्फ मारपीट का नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवाल बन गया है।
क्या पीड़ित को न्याय मिलेगा या मामला दबा दिया जाएगा?