शिवपुरी में सनसनी: युवक की आत्महत्या, पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप!⚖️ परिजनों ने लगाया प्रताड़ना और कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस अधीक्षक को दिए गए लिखित आवेदन में आरोप लगाया गया है कि लगातार प्रताड़ना और पुलिस की लापरवाही के चलते युवक ने यह कदम उठाया।

मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थिया श्रीमती राजकुमारी बाथम, निवासी नरवर, ने अपने पुत्र छोटू बाथम की मौत को आत्महत्या नहीं बल्कि प्रताड़ना का परिणाम बताया है। आवेदन में उल्लेख है कि आरोपी पक्ष—जिसमें कृष्णा बाथम, मुकेश रजक, रजनी रजक और रामवीर बाथम के नाम शामिल हैं—द्वारा युवक को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

📌 क्या है पूरा मामला?

बताया गया है कि 25 मार्च 2026 को आरोपी रामवीर बाथम युवक को काम के बहाने अंबाला (हरियाणा) ले गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। किसी तरह जान बचाकर लौटे युवक ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद भी आरोप है कि आरोपी मुकेश रजक द्वारा युवक के साथ फिर मारपीट की गई और उसकी पत्नी कृष्णा बाथम ने भी सहयोग किया।

इतना ही नहीं, आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि मृतक ने आत्महत्या से पहले एक नोट में साफ लिखा कि वह आरोपियों की प्रताड़ना से परेशान होकर यह कदम उठा रहा है।

🚨 पुलिस पर क्या आरोप हैं?

परिजनों का आरोप है कि घटना की सूचना नरवर थाने में दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि कई बार चक्कर लगाने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया। आवेदन में यह भी कहा गया है कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली और राजनीतिक पहुंच रखने वाला है, जिसके चलते कार्रवाई में ढिलाई बरती गई।

❓ सबसे बड़े सवाल

👉 क्या पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो युवक की जान बच सकती थी?
👉 आखिर किन दबावों के चलते FIR दर्ज नहीं की गई?
👉 आत्महत्या नोट होने के बावजूद जांच में देरी क्यों?
👉 क्या प्रभावशाली लोगों के सामने कानून कमजोर पड़ रहा है?

⚖️ क्या है मांग?

पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, मामले में न्याय न मिलने पर उच्च न्यायालय जाने की चेतावनी भी दी गई है।

📢 अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करती है, या फिर यह मामला भी सवालों के बोझ तले दबकर रह जाएगा।
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