शिवपुरी में शराब ठेकेदार के गुर्गों की दबंगई! हवाई फायरिंग, पिता-पुत्र को बेरहमी से पीटा… आबकारी विभाग पर भी गंभीर आरोप

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी के कोतवाली क्षेत्र स्थित बड़ी नौहरी में गुरुवार शाम ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। कच्ची शराब की सूचना पर पहुंचे शराब ठेकेदार के गुर्गों ने कथित तौर पर 3-4 हवाई फायर कर दिए और फिर एक पिता-पुत्र को जमीन पर पटककर लाठियों से बेरहमी से पीटा।

पीड़ित सेठा बंजारा ने बताया कि वह अपने बेटे राहुल बंजारा के साथ घर के बाहर खड़े थे, तभी 3-4 गाड़ियों में सवार लोग पहुंचे। कार से उतरते ही फायरिंग शुरू कर दी गई, जिससे इलाके में भगदड़ मच गई—लोग डर के मारे घरों में छिप गए। इसके बाद हमलावरों ने कच्ची शराब रखने के शक में दोनों को पकड़ लिया और लाठियों से जमकर मारपीट की।
😨 हालात इतने बिगड़े कि…

सेठा बंजारा के सिर में गंभीर चोट आई, खून बहने लगा
बेटा राहुल भी बुरी तरह घायल हो गया
हमलावर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए
⚠️ सबसे बड़ा आरोप—आबकारी विभाग भी कटघरे में!

पीड़ित का दावा है कि शराब ठेकेदार के गुर्गों के साथ आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौके पर मौजूद थे और उन्होंने भी मारपीट में हिस्सा लिया। चौंकाने वाली बात ये कि मौके पर कच्ची शराब मिली ही नहीं, फिर भी इतनी बर्बर कार्रवाई क्यों?

पीड़ित ने आरोपी पवन धाकड़ को पहचानने की बात कही है, जबकि अन्य लोग अज्ञात बताए जा रहे हैं। कुछ लोग खाकी वर्दी में भी थे, जिन्हें आबकारी विभाग का बताया जा रहा है।

🚔 घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके
 पर पहुंची और घायल पिता-पुत्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने सेठा बंजारा की शिकायत पर पवन धाकड़ सहित अन्य के खिलाफ BNS 2023 की धारा 125, 296(ए), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

📵 वहीं जब इस पूरे मामले में आबकारी विभाग के वृत्त प्रभारी तीर्थराज भारद्वाज से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन तक रिसीव नहीं किया—जिससे संदेह और गहरा गया है।

❓ अब बड़े सवाल…

क्या शराब माफिया के साथ मिलकर काम कर रहा है सिस्टम?
आबकारी विभाग की मौजूदगी में मारपीट—क्या ये कानून का मजाक नहीं?
बिना सबूत के लोगों पर अत्याचार कब तक?
क्या पीड़ितों को मिलेगा न्याय या दब जाएगा मामला?

🔥 शिवपुरी में यह घटना सिर्फ एक मारपीट नहीं, बल्कि सिस्टम और सत्ता के दुरुपयोग का बड़ा संकेत है। अब देखना होगा—कार्रवाई होती है या फिर सब कुछ फाइलों में दब जाता है?
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