बंटी शर्मा ECG: खबर शिवपुरी जिले के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर आयोजित पाल-बघेल समाज के कार्यक्रम में विधायक ने कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए और उसे अपना करीबी साथी बताते हुए कहा कि "हम एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी थे।"
विधायक का यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। उल्लेखनीय है कि रामबाबू गड़रिया का नाम चंबल अंचल के चर्चित डकैतों में शामिल रहा है और उस पर कई गंभीर अपराधों के आरोप लगे थे।
परिस्थितियों ने उसे डकैत बनाया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रीतम लोधी ने कहा कि रामबाबू गड़रिया मूल रूप से अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति नहीं था, बल्कि परिस्थितियों ने उसे इस रास्ते पर धकेल दिया।
उन्होंने कहा कि समाज के कुछ लोगों ने उसे इतना प्रताड़ित किया कि वह डकैत बनने के लिए मजबूर हो गया। यदि उसके साथ अन्याय नहीं हुआ होता तो शायद वह कभी बंदूक नहीं उठाता।
क्या डकैत और गुंडे इंसान नहीं होते?
अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि एक समय उन्होंने एक पीड़ित महिला की आवाज उठाने के लिए हजारों लोगों के साथ आंदोलन किया था। उस समय लोग कहते थे कि एक गुंडा और डकैत का साथ दिया जा रहा है?
प्रीतम लोधी ने मंच से कहा—
"क्या डकैत और गुंडे इंसान नहीं होते? क्या उनके अंदर भावनाएं नहीं होतीं? रामबाबू परिस्थितियों का शिकार था और उसकी पूरी कहानी मैं अच्छी तरह जानता हूं।"
"जेल में भी मिले, जंगल में भी मिले"
विधायक ने अपने और रामबाबू गड़रिया के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी मुलाकात सिर्फ समाजिक मंचों पर नहीं बल्कि जेल और जंगल दोनों जगह हुई थी।
उन्होंने कहा कि रामबाबू के जीवन की कई घटनाएं उन्हें आज भी याद हैं और वे खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें उसकी तस्वीर पर माल्यार्पण करने का अवसर मिला।
"जिस तरह रामबाबू का साथ दिया, वैसे ही समाज का भी दूंगा"
प्रीतम लोधी ने पाल-बघेल समाज को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने रामबाबू गड़रिया और उसके परिवार का साथ दिया था, उसी तरह वे समाज के हर व्यक्ति के साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा कि समाज की रक्षा और सम्मान के लिए उनका हाथ हमेशा तैयार रहेगा और वे अन्याय के खिलाफ लगातार लड़ते रहेंगे।
पहले भी बयानों को लेकर घिर चुके हैं विधायक
गौरतलब है कि विधायक प्रीतम लोधी इससे पहले भी कई विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। हाल ही में उन्होंने करैरा के एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ को लेकर भी तीखी टिप्पणी की थी, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई थी।
बयान के बाद मचा सियासी घमासान
अहिल्याबाई होल्कर जयंती जैसे सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया का नाम लेकर दिए गए इस बयान के बाद अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। समर्थक इसे मानवीय दृष्टिकोण बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे गंभीर और विवादित बयान मान रहे हैं।