सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी युवती और उसकी तीन माह की मासूम बच्ची के अपहरण मामले में कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों कृष्णपाल उर्फ कृष्णा ठाकुर और शिवम बैस को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित था और इन्हें झांसी-कोटा मार्ग से दबोचा गया।
पूछताछ में जो खुलासा हुआ उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि अपहरण की वारदात में शामिल होने के बदले उन्हें 10-10 हजार रुपए दिए गए थे। यह रकम कथित तौर पर मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र चौहान और नमन तिवारी की ओर से दी गई थी।
पूरा मामला 8 मई की रात का बताया जा रहा है। शिकायत के अनुसार फरियादिया की बेटी पिछले तीन साल से पुष्पेंद्र चौहान के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। दोनों की एक तीन माह की बच्ची भी है। कुछ समय पहले युवती वापस शिवपुरी आकर रहने लगी थी।
आरोप है कि 8 मई की रात पुष्पेंद्र चौहान अपने साथियों के साथ युवती के घर पहुंचा और युवती व उसकी मासूम बच्ची का जबरन अपहरण कर लिया। जब परिजनों ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट भी की गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
इस मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र चौहान सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, लेकिन कृष्णपाल और शिवम लगातार फरार चल रहे थे। दोनों की तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी और आखिरकार इन्हें झांसी-कोटा मार्ग से पकड़ लिया गया।
पुलिस कार्रवाई के दौरान कृष्णपाल उर्फ कृष्णा ठाकुर के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की पल्सर बाइक और एक डंडा भी बरामद किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी
आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कृष्णपाल पर आर्म्स एक्ट और लूट के कई मामले दर्ज हैं, जबकि शिवम बैस के खिलाफ आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण पहले से दर्ज हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि एक पारिवारिक विवाद जैसा दिखने वाला मामला आखिर अपहरण, मारपीट और पैसों पर बुलाए गए लोगों तक कैसे पहुंच गया? पुलिस अब पूरे नेटवर्क और वारदात की साजिश के हर पहलू की जांच में जुटी है।
👮 कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।