सागर शर्मा शिवपुरी:खबर चार वर्षीय मासूम अनय जैन की दर्दनाक मौत के बाद पूरा शिवपुरी न्याय की मांग को लेकर एकजुट नजर आया। सोमवार को शहर में बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जहां जानकी सेना संगठन (JSS), वैश्य समाज, व्यापारी वर्ग और शहर के लोग बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और इंटरसिटी ट्रेवल्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की CBI जांच, दोषियों पर कड़ी धाराएं जोड़ने और प्रदेशभर में चल रही इंटरसिटी बसों की जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय भावुक हो गया जब प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच बातचीत को लेकर स्थिति बनी। जानकारी के अनुसार ज्ञापन लेने के लिए एडीएम दिनेश शुक्ला पहुंचे थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। इसी बीच कलेक्टर अर्पित वर्मा मौके पर पहुंचे, जहां लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और सड़क पर बैठ गए।
हालात को समझते हुए कलेक्टर स्वयं वाहन से उतरे और लोगों के बीच सड़क पर बैठकर उनकी बात सुनी। इसके बाद उन्होंने ज्ञापन लिया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस दौरान कलेक्टर का यह व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
पूरा मामला उस दर्दनाक हादसे से जुड़ा है जिसमें 15 और 16 मई 2026 की रात इंदौर से शिवपुरी आ रही इंटरसिटी बस में आग लग गई थी। यह बस मक्सी स्थित जैन पथ होटल के सामने रुकी थी, तभी आग भड़क उठी। इस हादसे में सीए अभिषेक जैन और सीए मिनी जैन के चार वर्षीय बेटे अनय जैन की झुलसने से मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे शिवपुरी को झकझोर दिया और शहर में शोक के साथ आक्रोश का माहौल बन गया।
परिजनों और यात्रियों ने आरोप लगाया कि यात्रा के दौरान बस में लगातार तार जलने जैसी तेज बदबू आ रही थी। इसकी जानकारी कई बार ड्राइवर और बस स्टाफ को दी गई, लेकिन किसी ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। आरोप है कि बस को मक्सी स्थित जैन पथ होटल के सामने खड़ा कर दिया गया और कुछ ही देर में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। अफरा-तफरी के बीच मासूम अनय आग में फंस गया और उसे बचाया नहीं जा सका।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और जिम्मेदारी से बचने का मामला है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शिवपुरी से गुजरने वाली कई इंटरसिटी बसें बिना उचित फिटनेस, खराब वायरिंग और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के साथ संचालित हो रही हैं, जिससे यात्रियों की जान हमेशा जोखिम में रहती है।
ज्ञापन में एक और गंभीर आशंका भी जताई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इससे पहले इंदौर में इंटरसिटी की तीन खड़ी बसों में आग लग चुकी है, जबकि अब मक्सी में चौथी बस जल गई। ऐसे में मांग उठाई गई कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी या CBI से जांच कराई जाए ताकि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो सके।
ज्ञापन के माध्यम से पुलिस द्वारा दर्ज मामले में अतिरिक्त धाराएं जोड़ने की मांग भी की गई। इसमें BNS धारा 105, BNS धारा 106(1), गैर इरादतन हत्या, मोटर व्हीकल एक्ट धारा 184 और 192A लागू करने की मांग शामिल रही। साथ ही दोषी बस संचालकों, ड्राइवरों और स्टाफ के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की भी मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि जिले से गुजरने वाली सभी इंटरसिटी बसों की तत्काल फिटनेस जांच कराई जाए। जिन बसों में अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी गेट, सुरक्षा उपकरण और वैध फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं हैं, उन्हें तुरंत संचालन से रोका जाए। साथ ही दोषियों के परमिट निरस्त करने और विशेष परिवहन जांच अभियान चलाने की भी मांग रखी गई।
मासूम अनय अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल सिर्फ एक परिवार के दर्द का नहीं, बल्कि उन हजारों यात्रियों की सुरक्षा का भी है जो हर दिन बसों में सफर करते हैं। अब पूरा शिवपुरी जवाब चाहता है — क्या यह सिर्फ हादसा था या लापरवाही की आग में एक मासूम की जान चली गई?