सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर के फतेहपुर चौराहे पर देर रात हुआ एक विवाद अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। मामला सिर्फ मारपीट का नहीं, बल्कि पुलिस वर्दी के नाम पर कथित दबंगई और शक्ति प्रदर्शन के आरोपों तक पहुंच गया है। युवक की शिकायत पर कोतवाली में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों समेत छह लोगों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।
फतेहपुर मास्टर कॉलोनी निवासी हिमांशु उर्फ मानू बेड़िया ने पुलिस को बताया कि 11 मई की रात वह अपनी अर्टिगा कार से घर लौट रहा था। रास्ते में वह फतेहपुर चौराहे पर पानी लेने के लिए रुका, लेकिन उसे क्या पता था कि कुछ ही मिनटों में यह मामूली ठहराव एक बड़े विवाद में बदल जाएगा। युवक का आरोप है कि वहां मौजूद सुमित सेंगर, छोटे चौहान और संजय लोधी ने उसकी गाड़ी रोक ली और खुद को पुलिस स्टाफ बताते हुए चालान की बात छेड़ दी।
बताया जा रहा है कि “5 हजार रुपए के चालान” को लेकर शुरू हुई बहस अचानक गर्मा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मौके पर तीखी कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि युवक को घेरकर पीटा गया और माहौल ऐसा बन गया मानो सड़क पर कानून नहीं, बल्कि दबंगों का राज चल रहा हो।
हिमांशु बेड़िया का सबसे गंभीर आरोप यह है कि कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे छोटू यादव ने उसके सिर पर बीयर की बोतल दे मारी। बोतल लगते ही युवक लहूलुहान हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल हालत में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज किया गया। घटना के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है, उनमें कोतवाली में पदस्थ सुमित सेंगर और प्रधान आरक्षक छोटे चौहान के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि अगर आरोप सही हैं तो आखिर आम जनता सुरक्षा की उम्मीद किससे करे? क्या वर्दी की आड़ में सड़क पर “सिस्टम” का डर दिखाया जा रहा था?
इधर मामला दर्ज होने के बाद नया मोड़ तब आया जब हिमांशु सीधे एसपी ऑफिस पहुंच गया। युवक ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद अब आरोपी पुलिसकर्मी उसे झूठे केस में फंसाने की साजिश रच रहे हैं। युवक का कहना है कि उसे लगातार दबाव महसूस कराया जा रहा है ताकि वह मामला वापस ले ले।
इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह सिर्फ सड़क पर हुआ एक साधारण विवाद था, या फिर वर्दी और रसूख के दम पर युवक को डराने की कोशिश? आखिर रात के अंधेरे में फतेहपुर चौराहे पर ऐसा क्या हुआ कि मामला सीधे बीयर की बोतल और एफआईआर तक पहुंच गया?
अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। क्योंकि मामला आम लोगों के बीच भरोसे और वर्दी की साख से जुड़ गया है। शहर में चर्चा यही है कि अगर आरोप सही निकले, तो कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या सच में जिम्मेदारों पर शिकंजा कसेगा?