सांसद वीडी शर्मा के भतीजे की कार हादसे के बाद बवाल! टक्कर से शुरू हुआ विवाद, 50 हजार मांगने, मारपीट और धमकी देने के आरोप

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे के बदरवास थाना क्षेत्र में सोमवार शाम हुए एक सड़क हादसे के बाद मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच गंभीर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।

इस मामले में मुरैना जिले के ग्राम सुरजनपुर निवासी प्रमोद शर्मा, जिन्हें सांसद वीडी शर्मा का भतीजा बताया जा रहा है, ने स्कॉर्पियो सवार युवकों और होटल कर्मचारियों पर मारपीट, गाली-गलौज, रुपए मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार प्रमोद शर्मा अपने परिवार के साथ इंदौर जा रहे थे। उनके साथ पत्नी कृष्णा शर्मा, बच्चे अनन्या, आकांक्षा, अधर्व शर्मा और भतीजे प्रशांत शर्मा भी कार में मौजूद थे। परिवार कार क्रमांक MP09 DT 1509 से यात्रा कर रहा था और रास्ते में बदरवास क्षेत्र से गुजर रहा था।

बताया जा रहा है कि सोमवार शाम जब परिवार आदित्य होटल के सामने पहुंचा, तभी एक बिना नंबर की काले रंग की स्कॉर्पियो से उनकी कार की टक्कर हो गई। प्रमोद शर्मा का आरोप है कि स्कॉर्पियो गलत दिशा से तेज रफ्तार में आई और अचानक मोड़ लेने के दौरान उनकी कार से भिड़ गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

इस दुर्घटना में परिवार के कई सदस्य घायल हुए। प्रमोद शर्मा के बेटे अधर्व के चेहरे पर चोट आई, जबकि पत्नी कृष्णा शर्मा और बेटियां आकांक्षा एवं अनन्या भी घायल हुईं। हादसे के बाद दोनों पक्ष सड़क पर आमने-सामने आ गए और बहस शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई।

प्रमोद शर्मा का आरोप है कि जब उन्होंने स्कॉर्पियो चालक से लापरवाही को लेकर सवाल किए, तब वहां मौजूद लोग आक्रामक हो गए। उनका कहना है कि इसी दौरान आदित्य होटल संचालक अरुण परिहार और उनके बेटे आदित्य प्रताप सिंह परिहार भी मौके पर पहुंच गए और वाहन क्षति का हवाला देकर 50 हजार रुपए की मांग की गई।

आरोप यह भी लगाए गए हैं कि रुपए देने से इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई और बीच-बचाव करने पहुंचे परिवार के अन्य सदस्यों से भी अभद्र व्यवहार किया गया। प्रमोद शर्मा ने दावा किया कि उन्हें रिपोर्ट करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने तक की धमकी दी गई।

वहीं दूसरी ओर होटल संचालक अरुण परिहार ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि हादसा स्कॉर्पियो चालक की वजह से नहीं बल्कि सामने से आ रही कार के हाईवे कट पर अचानक मोड़ लेने से हुआ था। उन्होंने दावा किया कि दुर्घटना के बाद होटल स्टाफ ने घायलों की मदद की और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

अरुण परिहार के अनुसार परिवार को होटल में बैठाकर पानी भी पिलाया गया और मदद की गई। उनका कहना है कि विवाद के दौरान प्रमोद शर्मा द्वारा स्कॉर्पियो के दस्तावेज अपने पास रख लिए गए, जो अभी तक वापस नहीं किए गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनकी ओर भी अभद्र व्यवहार हुआ।

घटना के बाद सभी घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज शिवपुरी भेजा गया, जहां पुलिस चौकी ने मामले में देहाती नालसी दर्ज की। इसके बाद पूरा प्रकरण आगे की कार्रवाई के लिए बदरवास थाना भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अब यह मामला केवल सड़क हादसे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मारपीट, धमकी, रुपए मांगने और दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के कारण चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है कि आखिर हादसे के बाद विवाद किस परिस्थिति में बढ़ा और सच्चाई क्या है।
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