सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक हैरान करने वाला मामला शिवपुरी एसपी कार्यालय की जनसुनवाई में सामने आया, जहां एक बहन अपनी ही भाभी के आतंक से परेशान होकर न्याय की गुहार लगाने पहुंची। पीड़िता का आरोप है कि उसकी भाभी ने मायके आने पर रोक लगा रखी है और खुलेआम धमकी देती है कि “अगर घर आई तो टांगे तोड़ दूंगी।”
करैरा थाना क्षेत्र के ग्राम बनगवा निवासी गुड्डी जाटव पत्नी अरुण जाटव ने बताया कि वह 7 मई 2026 को अपने मायके बनगवा गई थी। आरोप है कि घर पहुंचते ही उसकी भाभी ममता जाटव आगबबूला हो गई और अपने मायके पक्ष के लोगों दीपक, प्रेम सिंह, बंटी, रोशनी और मां सुखी जाटव को बुला लिया। इसके बाद घर का माहौल रणभूमि में बदल गया।
पीड़िता का आरोप है कि सभी आरोपियों ने मिलकर पहले गाली-गलौज की और फिर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गुड्डी किसी तरह खुद को बचाने की कोशिश कर ही रही थी कि उसकी छोटी बहन सगुन और मां शीला जाटव बीच-बचाव करने पहुंचीं, लेकिन उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई।
घटना का सबसे खौफनाक पहलू तब सामने आया जब आरोप है कि आरोपी दीपक ने सगुन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू लगने से सगुन के हाथ की गद्दी कट गई और खून बहने लगा। वहीं मां शीला जाटव के सिर और पीठ पर डंडों से वार किए गए। मौके पर मौजूद चाचा पुन्ना और भाई सुनील ने जैसे-तैसे बीच-बचाव कर महिलाओं की जान बचाई।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसका पर्स छीन लिया गया, जिसमें 5 हजार रुपए नकद और जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे। जाते-जाते आरोपी धमकी देकर गए कि अगर पुलिस में शिकायत की तो “पूरे परिवार को जान से खत्म कर देंगे।” घटना के बाद पूरा परिवार दहशत में है।
सबसे बड़ा सवाल अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। पीड़िता का कहना है कि करैरा थाने में शिकायत देने के बावजूद आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी लापरवाही से परेशान होकर गुड्डी जाटव को एसपी कार्यालय पहुंचना पड़ा।
अब इलाके में चर्चा है कि आखिर एक बहन को अपने ही मायके में जाने से क्यों रोका जा रहा है? क्या परिवारिक विवाद की आड़ में दबंगई चल रही है? और क्या पुलिस इस मामले में सख्त कदम उठाएगी या पीड़ित परिवार यूं ही डर के साए में जीता रहेगा?