सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के करैरा स्थित प्रसिद्ध बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में 9 मई को हुए खूनी हमले का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। गुरुवार को मंदिर के भक्तगण, भार्गव ब्राह्मण समाज और सवर्ण समाज के लोगों ने शिवपुरी एसपी कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के मुख्य सूत्रधार का नाम जानबूझकर एफआईआर में शामिल नहीं किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समाजजन एसपी ऑफिस पहुंचे और एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि मामले के कथित मुख्य आरोपी को तत्काल नामजद कर गिरफ्तार किया जाए, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।
⚠️ मंदिर परिसर में लाठी, तलवार और सरियों से हमला
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक 9 मई को मंदिर परिसर में अचानक हिंसक विवाद हो गया था। आरोप है कि इस दौरान राजेश दुबे उर्फ भोला महाराज सहित कई लोगों पर लाठी, तलवार और लोहे की सरियों से हमला किया गया। घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका इलाज अभी भी ग्वालियर में चल रहा है।
मामले को लेकर समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मंदिर जैसी धार्मिक जगह पर खुलेआम हमला होना बेहद चिंताजनक है।
🔥 “वीडियो में दिख रहा आरोपी, फिर भी नाम गायब?”
भार्गव ब्राह्मण समाज के जिला अध्यक्ष एवं सवर्ण समाज के संयोजक महेश शर्मा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना में राजेंद्र गिरी की मुख्य भूमिका रही, लेकिन पुलिस ने अब तक उसका नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया।
महेश शर्मा का आरोप है कि मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राजेंद्र गिरी कथित रूप से हमलावरों को निर्देश देता दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है।
📱 मोबाइल और सोने की अंगूठियां छीनने का आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि हमले और भगदड़ के दौरान फरियादियों के महंगे मोबाइल फोन और सोने की अंगूठियां भी छीन ली गईं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब तक इन सामानों की बरामदगी नहीं हो सकी है।
समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि आरोपी क्षेत्र में जातीय तनाव फैलाने का प्रयास कर रहा है और उसके खिलाफ पहले से भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।
🛑 “दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा” – एसपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जाएगी।
एसपी ने साफ कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल मंदिर हमले का मामला अब केवल मारपीट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे लेकर सामाजिक और जातीय तनाव का माहौल भी बनने लगा है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।