सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में जमीन सीमांकन के दौरान जमकर विवाद हो गया। आरोप है कि राजस्व अमले और अधिकारियों की मौजूदगी में कुछ लोगों ने पिता-पुत्र पर हमला कर दिया।
घटना के बाद घायल पक्ष ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि मामले की गंभीरता के बावजूद पुलिस ने उचित धाराओं में केस दर्ज नहीं किया। इसी को लेकर गुरुवार को पीड़ित परिवार एसपी कार्यालय पहुंचा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार प्रगति बाजार निवासी 52 वर्षीय सोहन बंसल अपनी जमीन के सीमांकन के लिए 13 मई को तोमर हॉस्टल से पहले हैप्पी डेज स्कूल के सामने स्थित भूमि पर पहुंचे थे। उनके साथ उनके भतीजे गोरांग बंसल भी मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि सीमांकन की कार्रवाई पटवारी, तहसीलदार और राजस्व अमले की मौजूदगी में चल रही थी। इसी दौरान जतिन ठाकुर अपने भाई और अन्य साथियों के साथ मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि उसने उक्त जमीन को अपनी बताते हुए सीमांकन की कार्रवाई रुकवाने का प्रयास शुरू कर दिया।
⚠️ “आते ही गाली-गलौज और डंडों से हमला”
पीड़ित सोहन बंसल के मुताबिक विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर जतिन ठाकुर ने डंडे से हमला कर दिया। हमले में सोहन बंसल के दाहिने पैर, पीठ और सीने में चोटें आईं।
बीच-बचाव करने पहुंचे गोरांग बंसल के साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान उनकी कोहनी से खून निकल आया और पैर में भी गंभीर चोट आई। मौके पर मौजूद संजीव शर्मा और राहुल शिवहरे ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
🛑 “दोबारा सीमांकन कराया तो जान से मार देंगे”
पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी जाते-जाते दोबारा सीमांकन कराने पर जान से मारने की धमकी देकर गए। घटना के बाद डायल-112 की मदद से दोनों घायलों को कोतवाली थाना लाया गया, जहां से मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
🚔 पुलिस पर भी उठे सवाल
कोतवाली पुलिस ने मामले में जतिन ठाकुर और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। हालांकि पीड़ित पक्ष पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। परिवार का आरोप है कि घटना की गंभीरता के बावजूद पुलिस ने उचित धाराएं नहीं लगाईं।
इसी शिकायत को लेकर गुरुवार को पीड़ित परिवार एसपी कार्यालय पहुंचा और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच तथा आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि हमला उस समय हुआ जब मौके पर राजस्व अमला और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। अब सभी की नजर पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।