भ्रूण लिंग परीक्षण पर कलेक्टर अर्पित वर्मा सख्त, बोले- यह गंभीर कानूनी अपराध; नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

Nikk Pandit
0
बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में गिरते लिंगानुपात को सुधारने और भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने की। इस दौरान जिले में एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी व्यवस्था और जागरूकता अभियानों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रसव पूर्व भ्रूण का लिंग परीक्षण करना और करवाना कानूनन अपराध है तथा ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जिले में संचालित सभी सोनोग्राफी केंद्रों की नियमित एवं औचक जांच करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि यदि किसी भी सोनोग्राफी केंद्र पर पीसीपीएनडीटी एक्ट के नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संस्था और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि बेटियों के अधिकारों की रक्षा करना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।

बैठक के दौरान कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिले में लिंगानुपात सुधारने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियां समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। भ्रूण लिंग परीक्षण को रोकना केवल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों को इस अभियान से जुड़ना होगा, तभी इस कुप्रथा पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा और बेटियों के प्रति सम्मान का वातावरण तैयार होगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों के सहयोग से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को पीसीपीएनडीटी एक्ट और बेटी बचाओ के संदेश से जागरूक किया जाएगा।

बैठक में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ पत्रकार आलोक एम इंदौरिया, अधिवक्ता संजीव विलगैया, समाजसेवी समीर गांधी, रमेश अग्रवाल सहित समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे और अपने सुझाव साझा किए।

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने अंत में कहा कि "बेटी बचाना केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प है।" प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)