आपातकालीन खिड़की, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन का अलर्ट मोड, बस संचालकों को स्पष्ट चेतावनी
बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर जिले में हाल ही में हुई बस दुर्घटना के बाद जिला प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दे रहा है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने जिले में संचालित यात्री बसों और स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए परिवहन विभाग को सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बस संचालकों की बैठक लेकर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सख्त संदेश दिया गया।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में चलने वाली हर बस में आपातकालीन खिड़की (इमरजेंसी विंडो) और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से होना चाहिए। यदि किसी बस में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिली तो केवल चालानी कार्रवाई ही नहीं बल्कि बस जब्ती जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।
बैठक में मौजूद पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने भी बस संचालकों को यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी संचालकों को सुरक्षा उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करना होगा।
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी यात्री बसों और स्लीपर कोच में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र और इमरजेंसी उपकरण उपलब्ध रहें। केवल उपकरण रखना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उनकी कार्यशील स्थिति और वैधता की नियमित जांच भी करानी होगी ताकि आपात स्थिति में उनका उपयोग किया जा सके।
इसके साथ ही सभी बसों के इमरजेंसी एग्जिट द्वार सुचारु और अवरोध मुक्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने बस संचालकों को चेतावनी दी है कि विद्युत वायरिंग, बैटरी सिस्टम और ईंधन व्यवस्था की नियमित जांच कराई जाए, जिससे शॉर्ट सर्किट या आग जैसी घटनाओं की संभावना को रोका जा सके।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि चालक और परिचालक को अग्निशमन यंत्र के उपयोग की जानकारी होना जरूरी है। किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया की जानकारी भी स्टाफ को होनी चाहिए। बसों में धूम्रपान और ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन ने सभी बस संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र, आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस अद्यतन रखें। साथ ही बसों की नियमित तकनीकी जांच, साफ-सफाई और निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्लीपर बसों के लिए अलग से विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल जारी किया गया है। इसके तहत ड्राइवर पार्टीशन डोर हटाने, स्लाइडर सिस्टम बंद करने, फायर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम लगाने और न्यूनतम 10 किलो क्षमता के अग्निशामक यंत्र रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेसिस में अनधिकृत बढ़ाव करने पर भी रोक लगाई गई है।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने साफ शब्दों में कहा है कि वाहन के फिटनेस, परमिट, बीमा, टैक्स और वीएलटीडी दस्तावेज अपडेट रखना हर बस संचालक की जिम्मेदारी है। यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का साफ संदेश — यात्रियों की सुरक्षा पहले, लापरवाही पर सीधी कार्रवाई। शिवपुरी में अब बस सुरक्षा नियमों पर कोई समझौता नहीं होगा।