सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी में प्राचीन ज्ञान और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशन में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ‘ज्ञान भारत मिशन’ के क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डिप्टी कलेक्टर मोतीलाल अहिरवार ने की।
प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘ज्ञान भारत मिशन’ का मुख्य उद्देश्य प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों, शिलालेखों और पुरातन जानकारियों का संरक्षण करना है। मिशन के प्रभावी संचालन के लिए एक समिति भी गठित की गई है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों को शामिल किया गया है।
बैठक में क्षेत्र में मौजूद प्राचीन पांडुलिपियों की खोज, सूचीकरण और संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। डिप्टी कलेक्टर मोतीलाल अहिरवार ने निर्देश दिए कि कॉलेज लाइब्रेरी, मठों, चर्च, मस्जिदों और शिवपुरी के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षित रखी गई ऐतिहासिक पांडुलिपियों एवं शिलालेखों की पहचान कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया जाए।
📝 बैठक में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु, निजी शोध संस्थानों के संचालक, ट्रस्ट सदस्य, कॉलेज प्रोफेसर और लाइब्रेरी विशेषज्ञ मौजूद रहे। सभी ने पांडुलिपियों के ऐतिहासिक महत्व और वैज्ञानिक संरक्षण पर अपने विचार साझा किए।
💻 ‘ज्ञान भारत मिशन’ के तहत अब दुर्लभ पांडुलिपियों और पुरातन दस्तावेजों का डिजिटलीकरण भी किया जाएगा। यानी इन महत्वपूर्ण जानकारियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा, ताकि भविष्य में कहीं से भी इनका अध्ययन और उपयोग किया जा सके।
🎓 बैठक में शोध संस्थानों और कॉलेज छात्रों को भी इन पांडुलिपियों पर रिसर्च करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई। उद्देश्य यह है कि प्राचीन भारतीय ज्ञान और इतिहास को आधुनिक समाज तक पहुंचाया जा सके।