बंटी शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले के करेरा थाना क्षेत्र की सुनारी चौकी अंतर्गत खाती बाबा मंदिर के पास बुधवार शाम अवैध रेत खनन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। मंदिर के पुजारी द्वारा रेत खनन का विरोध करने पर कथित रेत माफियाओं और पुजारी के बीच जमकर कहासुनी हुई।
मामला इतना बढ़ गया कि पुजारी ने माफियाओं पर गोली चलाकर डराने-धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि दतिया जिले से जुड़े कुछ रेत कारोबारी पहले नदी के रौनेजा घाट पर खनन कर रहे थे, लेकिन लगातार विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद उन्होंने अब जरगंवा घाट की ओर रुख कर लिया। यह घाट खाती बाबा मंदिर के बेहद नजदीक बताया जा रहा है। जैसे ही मंदिर के महंत को घाट पर मशीनों के पहुंचने की जानकारी लगी, उन्होंने तत्काल खनन का विरोध शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महंत और खनन से जुड़े लोगों के बीच तीखी बहस हुई। इसी दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। महंत का आरोप है कि विरोध करने पर रेत माफियाओं ने उन्हें डराने के लिए गोली तक चला दी। हालांकि इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटना ने इलाके में दहशत का माहौल जरूर बना दिया।
सूचना मिलते ही सुनारी चौकी पुलिस और करेरा तहसीलदार मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही खनन से जुड़े लोग मौके से फरार हो गए। कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने मौके से एक एलएनटी पोकलेन मशीन और सोनालिका ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली। पुलिस को घटनास्थल पर कोई आरोपी नहीं मिला, लेकिन पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सुनारी चौकी प्रभारी चेतन शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। फिलहाल आरोपियों की तलाश की जा रही है और गोली चलने के आरोप की भी जांच की जा रही है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर धार्मिक स्थल के पास खुलेआम अवैध खनन करने की हिम्मत किसके संरक्षण में की जा रही थी? और अगर महंत विरोध नहीं करते, तो क्या प्रशासन को इसकी भनक तक लगती?