ई-टोकन मिला… लेकिन खाद नहीं! शिवपुरी में बढ़ा किसानों का गुस्सा, भारतीय किसान संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले में खाद संकट अब किसानों की सबसे बड़ी चिंता बनता जा रहा है। खेतों में फसल की तैयारी चल रही है, लेकिन किसान खाद के लिए केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। सोमवार को इसी मुद्दे को लेकर भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था पर सवाल उठाए और जल्द समाधान की मांग की।

संघ का कहना है कि किसान ई-टोकन के जरिए स्लॉट बुक कर रहे हैं, लेकिन जब केंद्रों पर पहुंचते हैं तो उन्हें “खाद खत्म हो गई” कहकर वापस लौटा दिया जाता है। कई किसान घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ घर लौट रहे हैं, जिससे नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

किसानों का सवाल — जब खाद नहीं है तो टोकन क्यों जारी हो रहे हैं?

अगर केंद्र पर स्टॉक नहीं है तो उसकी जानकारी पहले से क्यों नहीं दी जा रही? किसानों का कहना है कि उन्हें सिर्फ लाइन में लगाने और भटकाने का काम हो रहा है।
भारतीय किसान संघ ने मांग रखी है कि जिन केंद्रों पर खाद उपलब्ध नहीं है, उनकी स्थिति पहले से सार्वजनिक की जाए, ताकि किसानों को बेवजह दौड़ना न पड़े। साथ ही संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई गई है।

जिला अध्यक्ष बृजेश सिंह धाकड़ ने कहा कि किसान पहले ही मौसम की मार, बढ़ती लागत और फसल की चिंता से जूझ रहा है। ऐसे समय खाद के लिए भटकना उसकी मुश्किलों को और बढ़ा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता की कमी के कारण किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

अब मामला सिर्फ खाद का नहीं, किसानों के सब्र का भी बनता जा रहा है।

भारतीय किसान संघ ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो अनिश्चितकालीन धरना, प्रदर्शन और बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों और डीडीए के साथ किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा भी हुई। इस दौरान जिला अध्यक्ष बृजेश सिंह धाकड़, जिला सह प्रचार प्रमुख दीपेंद्र पाल सहित कई किसान मौजूद रहे।

बड़ा सवाल — किसान ई-टोकन लेकर भी खाली हाथ लौटेंगे तो डिजिटल व्यवस्था पर भरोसा कैसे बनेगा?
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