दशमी पर गूंजे भजन, गोरखनाथ मंदिर में सजी सांस्कृतिक संध्या; जल संरक्षण का दिया संदेश

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी में चल रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत गंगा दशमी पर्व पर मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में जिला स्तरीय सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। श्रद्धा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से जुड़े इस कार्यक्रम में भजनों की मधुर प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए और देर शाम तक भक्ति रस की धारा बहती रही ।

कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय राज, शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी श्री सौरभ गौड़ सहित अन्य अधिकारी एवं श्रद्धालुगण मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन को लेकर जनजागरूकता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम से पहले नगर पालिका शिवपुरी द्वारा
गोरखनाथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई, व्यवस्था सुधार और स्थल को व्यवस्थित करने का कार्य किया गया। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगर पालिका द्वारा पहले भी जल स्रोतों की सफाई, श्रमदान और जनजागरूकता गतिविधियों में भागीदारी की गई है। इसी कड़ी में सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल को भी व्यवस्थित कर आयोजन को सुचारू रूप देने में सहयोग किया गया।

सांस्कृतिक संध्या में गुना से आए प्रसिद्ध भजन गायक श्री वृंदावन धाकड़ एवं उनके साथियों तथा श्रीमती आकांक्षा गौड़ ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। “ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन”, “जमुना किनारे मेरा गांव”, “हे दुख भंजन मारुति नंदन”, “गंगा तेरा पानी अमृत झर-झर बहता जाए” और “श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम” जैसे भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि जल संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी का विषय है। जल स्रोतों का संरक्षण, वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है।

गंगा दशमी के अवसर पर आयोजित यह सांस्कृतिक संध्या केवल भजन संध्या नहीं रही, बल्कि श्रद्धा, संस्कृति, स्वच्छता और जल संरक्षण के संदेश का संगम बन गई।
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