बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में बढ़ते स्मैक और आईपीएल सट्टे के मुद्दे ने मंगलवार को बड़ा रूप ले लिया। कांग्रेस नेताओं, भीम आर्मी, सामाजिक संगठनों और रावत समाज के प्रतिनिधियों ने रैली निकालकर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि नशा और सट्टा अब केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक संकट बनता जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आईपीएल सीजन आते ही सट्टे की चर्चाएं तेज हो जाती हैं और इसका असर युवाओं से लेकर परिवारों तक देखने को मिलता है। वहीं स्मैक के बढ़ते खतरे को लेकर भी चिंता जताई गई। सवाल उठाया गया कि अगर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, तो फिर जड़ तक पहुंचने वाली कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित हुई है?
ज्ञापन में बदरवास निवासी संदीप सोनी, ग्राम सिंहनिवास निवासी रूपसिंह रावत और दिनारा निवासी अमन भार्गव के मामलों का उल्लेख करते हुए प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि सट्टे और आर्थिक दबाव जैसी परिस्थितियों ने कई परिवारों को प्रभावित किया है। उन्होंने मांग की कि इन मामलों की गंभीरता से समीक्षा हो और यदि कोई कड़ी जुड़ी हो तो उसकी जांच की जाए।
🔥 सबसे बड़ा सवाल अब शहर पूछ रहा है — आखिर बार-बार नशे और सट्टे का मुद्दा क्यों उठ रहा है?
क्या कार्रवाई के बावजूद नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो पाए? क्या छोटे खिलाड़ियों पर कार्रवाई और बड़े स्तर तक पहुंचने में चुनौती बनी हुई है? यही बातें प्रदर्शन के दौरान भी सामने आईं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शन में शामिल विधायक कैलाश कुशवाह ने कहा कि कार्रवाई केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे चेन सिस्टम को समझकर मुख्य संचालकों तक पहुंचना जरूरी है। उनका कहना था कि यदि जड़ पर प्रहार नहीं हुआ तो समस्या बार-बार लौटती रहेगी।
रावत समाज की ओर से यशपाल रावत ने भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि यदि समाज के कुछ युवक नशे के कारोबार में शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सामाजिक स्तर पर भी कार्रवाई होगी। समाज ऐसे लोगों की जानकारी जुटाकर पुलिस को देने की तैयारी में है।
💥 शहर में एक और मांग जोर पकड़ रही है — क्या स्मैक और सट्टे की शिकायत के लिए अलग हेल्पलाइन नंबर जारी होना चाहिए? प्रदर्शनकारियों ने सुझाव दिया कि लोग बिना डर के सूचना दे सकें, इसके लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए ताकि शिकायतकर्ता की पहचान भी सुरक्षित रहे।
पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि सट्टा और नशे के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा और इसमें सामाजिक संगठनों के सहयोग की भी जरूरत होगी। उन्होंने संकेत दिया कि कार्रवाई केवल पुलिस की नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी भी है।
⚠️ अब निगाहें कार्रवाई पर हैं। रैली निकल गई, ज्ञापन सौंप दिया गया, बयान भी आ गए… लेकिन शहर का सवाल अभी बाकी है — क्या आने वाले दिनों में बड़े स्तर की कार्रवाई दिखेगी? क्या युवाओं को नशे से बचाने के लिए ठोस अभियान चलेगा? और क्या IPL सीजन में सट्टे पर कड़ा नियंत्रण दिखाई देगा? शिवपुरी अब जवाब चाहता है।