NEET परीक्षा रद्द होने पर शिवपुरी में कांग्रेस का प्रदर्शन-मशाल यात्रा निकालकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, छात्रों को दी श्रद्धांजलि:भाजपा सरकार छात्रों के भविष्य से कर रही खिलवाड़” — कैलाश कुशवाह

Nikk Pandit
0
सागर शर्मा शिवपुरी:खबर NEET परीक्षा रद्द होने और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों को लेकर शनिवार देर शाम शिवपुरी शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मशाल यात्रा निकालकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा आत्महत्या करने वाले छात्रों को कैंडल मार्च के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।

कांग्रेस कार्यकर्ता शहर के तात्या टोपे समाधि स्थल पर एकत्रित हुए, जहां बड़ी संख्या में युवा और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान “छात्र विरोधी सरकार हाय-हाय” और “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए गए।

🕯️ “छात्र मानसिक तनाव में आ रहे”

पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार छात्रों की मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि लगातार परीक्षाएं रद्द होना, भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियां और अनियमितताएं युवाओं को मानसिक तनाव में धकेल रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तनाव के कारण कई छात्र आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। विधायक कुशवाह ने कहा कि लाखों छात्र दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन जब परीक्षाएं रद्द होती हैं तो उनका मनोबल टूट जाता है।

⚠️ “गरीब और किसान परिवारों के साथ अन्याय”

कैलाश कुशवाह ने कहा कि गरीब और किसान परिवार बड़ी मुश्किल से अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन सरकार युवाओं के सपनों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी और भर्ती के नाम पर युवाओं से आवेदन फॉर्म भरवाए जाते हैं और बाद में परीक्षाएं रद्द कर दी जाती हैं।

विधायक ने दावा किया कि आवेदन फॉर्म से मिलने वाली राशि का उपयोग चुनावी गतिविधियों में किया जाता है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की।

❓ युवाओं का सवाल — मेहनत का जिम्मेदार कौन?

प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बार-बार परीक्षा विवादों का खामियाजा छात्रों को ही क्यों भुगतना पड़ रहा है? क्या युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होगी या राजनीति के बीच छात्रों की आवाज दबती रहेगी?
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)