शिवपुरी में कल थमेगा NH-46!किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस का बड़ा चक्काजाम, 5 हजार किसानों के जुटने का दावा

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में गुरुवार, 7 मई को एनएच-46 पर बड़ा राजनीतिक और किसान आंदोलन देखने को मिल सकता है। जिला कांग्रेस कमेटी किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर पड़ौरा चौराहा पर चक्काजाम करने जा रही है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इस आंदोलन में शिवपुरी जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों के अलावा श्योपुर जिले से भी हजारों किसान और कार्यकर्ता शामिल होंगे। आंदोलन को लेकर जिले की राजनीति गर्मा गई है और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक एनएच-46 पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकी जाएगी। जिला प्रभारी देवेंद्र शर्मा ने दावा किया है कि करीब 5 हजार किसान हाईवे पर उतरेंगे। ऐसे में तीन घंटे तक हाईवे पर लंबा जाम लगने की संभावना जताई जा रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस भीड़ और ट्रैफिक को संभाल पाएगा?

हालांकि कांग्रेस ने साफ किया है कि आंदोलन के दौरान इमरजेंसी सेवाओं को नहीं रोका जाएगा। एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के लिए हाईवे की एक लाइन खाली रखी जाएगी। इसके अलावा सब्जी, फल और अन्य कच्चे माल से भरे वाहनों को भी निकलने दिया जाएगा, ताकि किसानों और व्यापारियों का नुकसान न हो। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन जनता को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि किसानों की आवाज उठाने के लिए है।

हाईवे पर रुकने वाली बसों और यात्रियों के लिए भी कांग्रेस ने खास इंतजाम करने का दावा किया है। नेताओं के मुताबिक जाम में फंसे यात्रियों के लिए पानी और जरूरत पड़ने पर खाने की व्यवस्था की जाएगी। हाईवे की दोनों पट्टियों पर पानी के टैंकर और वाहन तैनात रहेंगे। कांग्रेस इसे “संघर्ष के साथ सेवा” का आंदोलन बता रही है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने प्रदेश सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि गेहूं खरीदी केंद्रों पर भारी अव्यवस्था है। किसानों का अनाज खरीदा जा रहा है, लेकिन वारदाना तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों के बिजली कनेक्शन 5 से 8 हॉर्स पावर से बढ़ाकर 12 से 14 हॉर्स पावर कर दिए, जिससे सब्सिडी खत्म हो गई और किसानों पर बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ पड़ गया।

कांग्रेस ने खाद संकट और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा घटाने को भी बड़ा मुद्दा बनाया है। नेताओं का कहना है कि 5 बीघा जमीन पर किसानों को सिर्फ एक बोरी खाद दी जा रही है, जबकि जरूरत कई गुना ज्यादा है। वहीं केसीसी की सीमा कम होने से किसान डिफॉल्टर बन रहे हैं और बैंकों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने दावा किया कि प्रदेश में हर दिन 42 किसान आत्महत्या कर रहे हैं, जो सरकार की नीतियों पर बड़ा सवाल है।

आंदोलन में विधायक फूल सिंह बरैया, विधायक कैलाश कुशवाह, पूर्व विधायक लाखन सिंह यादव, पूर्व विधायक प्रागीलाल जाटव, जिला प्रभारी देवेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। कांग्रेस इस आंदोलन को किसान अधिकारों की लड़ाई बता रही है, जबकि राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी चुनावी माहौल से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगों में सभी फसलों पर MSP की गारंटी, किसानों का कर्ज माफ करना, पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना, KCC सीमा बढ़ाना, किसानों को डिफॉल्टर घोषित करने की प्रक्रिया रोकना और सोलर योजनाओं में अधिक सब्सिडी देना शामिल है। इसके अलावा कृषि कानूनों और आवश्यक वस्तु संशोधन कानून को लेकर किसानों की आशंकाओं को दूर करने की भी मांग उठाई जाएगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह चक्काजाम सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचा पाएगा, या फिर यह आंदोलन भी केवल राजनीति का अखाड़ा बनकर रह जाएगा? फिलहाल गुरुवार को शिवपुरी का एनएच-46 पूरी तरह राजनीतिक रणभूमि में बदलता नजर आ रहा है।
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