बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में मंगलवार को शिवपुरी जिला मुख्यालय पर मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट (एमएयू) की जिला इकाई ने नीट यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीट यूजी जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होना केवल एक परीक्षा का मामला नहीं बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उनका कहना था कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का विश्वास लगातार कमजोर हो रहा है और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
संगठन ने ज्ञापन में मांग की कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग किया जाए और परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी सीधे सरकार के अधीन लाई जाए। उनका तर्क था कि लगातार सामने आ रहे विवादों ने एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एमएयू पदाधिकारियों ने यह भी मांग उठाई कि नीट सहित सभी पेपर लीक मामलों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही जिन लोगों, अधिकारियों या एजेंसियों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
ज्ञापन में मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया को लेकर भी सुझाव दिया गया। संगठन का कहना है कि मेडिकल प्रवेश में 12वीं कक्षा की मेरिट को आधार बनाया जाए, जिससे छात्रों पर प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव कम हो और पारदर्शिता बढ़ सके।
बेरोजगारी के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाते हुए संगठन ने कहा कि मध्य प्रदेश में समाप्त किए जा रहे करीब 1.20 लाख सरकारी पदों को बहाल किया जाए और विभिन्न विभागों में स्थायी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। उनका आरोप था कि रिक्त पदों के बावजूद भर्ती नहीं होने से युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
प्रदर्शन के दौरान भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने मांग की कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानून बनाए जाएं और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
एमएयू ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। संगठन का कहना था कि लगातार उठ रहे विवादों के बाद जवाबदेही तय होना जरूरी है।
स्थानीय छात्रों की परेशानी को देखते हुए संगठन ने एक और महत्वपूर्ण मांग रखी। ज्ञापन में कहा गया कि शिवपुरी जिले में भी नीट परीक्षा केंद्र बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े और आर्थिक बोझ कम हो।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, रोजगार के अवसर और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग उठाई। अब देखना होगा कि संगठन की इन मांगों पर प्रशासन और संबंधित एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं।