बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में मानसून की देरी का असर अब खेती-किसानी पर साफ दिखाई देने लगा है। समय पर बारिश नहीं होने के कारण खरीफ सीजन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। प्रदेश के प्रमुख टमाटर उत्पादक जिलों में शामिल शिवपुरी में टमाटर की रोपाई का काम 10 दिन से अधिक पिछड़ गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसानों ने मौसम के अनुमान के आधार पर टमाटर की पौध पहले ही तैयार कर ली थी और कई स्थानों पर पौध खेतों तक भी पहुंचा दी गई है। हालांकि पर्याप्त बारिश नहीं होने और मिट्टी में नमी की कमी के कारण रोपाई शुरू नहीं हो पा रही है। किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि पौध को सुरक्षित तरीके से खेतों में लगाया जा सके।
किसानों का कहना है कि यदि अगले 10 दिनों के भीतर अच्छी बारिश नहीं हुई तो तैयार पौध जरूरत से ज्यादा बड़ी हो जाएगी, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में पौध की बढ़वार और उत्पादन क्षमता पर भी असर पड़ने की आशंका है।
किसान अशोक कुशवाह के अनुसार, बारिश में अधिक देरी होने पर वर्तमान पौध उपयोग के योग्य नहीं रहेगी और किसानों को नई पौध खरीदकर दोबारा रोपाई करनी पड़ सकती है। इससे खेती की लागत बढ़ेगी और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
टमाटर के अलावा सोयाबीन, मक्का सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई भी प्रभावित हो रही है। किसानों का मानना है कि यदि जल्द बारिश शुरू हो जाती है तो बुवाई का कार्य समय पर पूरा किया जा सकता है, लेकिन 10 से 15 दिन की अतिरिक्त देरी उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार इस बार मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी है। सामान्य तौर पर जून के मध्य तक सक्रिय होने वाला मानसून अभी तक पूरी तरह प्रदेश में नहीं पहुंच पाया है। मौसम विशेषज्ञों ने आगामी दिनों में मानसून की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई है।
फिलहाल शिवपुरी जिले के किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। खेत तैयार हैं, पौध तैयार है, लेकिन बारिश की कमी के चलते खेती का पूरा चक्र प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। किसानों को उम्मीद है कि जल्द मानसून सक्रिय होगा और खरीफ सीजन की गतिविधियां रफ्तार पकड़ सकेंगी।