निजी तस्वीरें वायरल होने के डर और मानसिक दबाव ने ले ली 12वीं की छात्रा की जान, सुसाइड केस में 4 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

Shivpuri First
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पुलिस की गिरफ्त में चार आरोपी

शिवपुरी। जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में 12वीं की छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले की जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे पता चलता है कि छात्रा पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थी। पुलिस के अनुसार छात्रा को अपनी निजी तस्वीरें वायरल किए जाने का डर था। इसके अलावा लाइब्रेरी में उसके साथ हुई कथित अभद्रता, मोबाइल छीनने, सिम तोड़ने और मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की वजह से वह बेहद परेशान हो गई थी। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण का प्रकरण दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को उप जेल पिछोर भेज दिया गया।


मां को फोन कर बताई थी पूरी बात


पुलिस के अनुसार घटना से पहले छात्रा ने अपनी मां को फोन किया था। उसने बताया था कि गांव के कुछ युवक लाइब्रेरी में आए थे। वहां उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उसका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया गया और सिम भी तोड़ दी गई। छात्रा ने यह भी कहा था कि ये युवक उसे पहले भी परेशान कर चुके हैं। फोन पर अपनी मां से बात करने के दौरान वह काफी डरी और घबराई हुई थी। इसके कुछ समय बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।


इस घटना के बाद परिजनों में मातम छा गया। परिवार ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।


मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला


मृतक छात्रा की मां अंगूरी बाई ने पिछोर थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या से पहले फोन पर पूरी घटना बताई थी। बेटी ने कहा था कि लाइब्रेरी में उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और वह काफी परेशान है। मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 306/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 107 एवं 3(5) के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू की।


जांच में सामने आया मोबाइल और बातचीत का मामला


एसडीओपी प्रशांत शर्मा के अनुसार पुलिस जांच में पता चला कि छात्रा का पिछले करीब दो महीने से रामवीर लोधी से मोबाइल पर संपर्क था। दोनों के बीच बातचीत होती थी। इस दौरान मोबाइल को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। जांच में सामने आया कि घटना से एक दिन पहले छात्रा ने रामवीर को मोबाइल और सिम वापस कर दिए थे।


पुलिस ने जब पूरे मामले की कड़ियां जोड़कर जांच की तो सामने आया कि मोबाइल और आपसी बातचीत को लेकर कई युवकों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। इसी दौरान छात्रा पर मानसिक दबाव बढ़ता चला गया।


निजी तस्वीरें वायरल होने का था डर


पुलिस पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई कि छात्रा को यह भय था कि उसकी निजी तस्वीरें सार्वजनिक कर दी जाएंगी। पुलिस के अनुसार इसी आशंका ने छात्रा को अंदर तक डरा दिया था। वह लगातार तनाव में रहने लगी थी। जांच में सामने आया कि इसी मानसिक दबाव के कारण उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया।


पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की गई। आरोपियों से पूछताछ में मिले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।


मामले की जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रामवीर लोधी (19) निवासी पनिहारी बिलरई, सत्यम लोधी (20) निवासी ममरौनी, सतीश लोधी (22) निवासी दबियाजगन तथा अंशुल उर्फ अंश लोधी (20) निवासी भाग शामिल हैं।


पुलिस ने सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए सभी को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर चारों को उप जेल पिछोर भेज दिया गया।


एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की गई है। घटना से जुड़े सभी तथ्यों को एकत्र किया गया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे भी विवेचना जारी है। यदि जांच के दौरान कोई और तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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