बंटी शर्मा ECG:खबर देश में होने वाली डिजिटल जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तबादला (Transfer) नहीं किया जाए, ताकि देशव्यापी जनगणना प्रक्रिया बिना किसी बाधा के समय पर और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
जानकारी के अनुसार, जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को उनके वर्तमान पदस्थापना स्थल पर ही बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार का मानना है कि बार-बार स्थानांतरण होने से जनगणना जैसी विशाल प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और आंकड़ों की गुणवत्ता तथा समय-सीमा पर असर पड़ सकता है। इसी कारण जनगणना कार्य पूर्ण होने तक संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाने की व्यवस्था की गई है।
मध्यप्रदेश में भी निर्देशों का पालन मध्यप्रदेश शासन ने भी केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए जनगणना ड्यूटी से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाने की तैयारी कर ली है। अनुमान है कि प्रदेश में लगभग 1.90 लाख अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जनगणना कार्य में शामिल रहेंगे।
क्या कहता है कानून? जनगणना प्रक्रिया को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए Census Act, 1948 में भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। अधिनियम की धारा 15A के तहत जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों के सेवा हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है, ताकि प्रशासनिक हस्तक्षेप या अन्य कारणों से जनगणना कार्य प्रभावित न हो।
31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहने की संभावना केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को भेजे गए निर्देशों के अनुसार जनगणना कार्य पूर्ण होने तक, तथा संभावित रूप से 31 मार्च 2027 तक, जनगणना से जुड़े कर्मचारियों के तबादलों पर रोक प्रभावी रह सकती है। हालांकि विशेष आपातकालीन अथवा अत्यंत आवश्यक प्रशासनिक परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से अपवाद संभव होगा।
बड़ा सवाल जब केंद्र सरकार जनगणना को लेकर इतनी गंभीर है और स्पष्ट निर्देश जारी कर चुकी है, तो क्या सभी विभाग इन आदेशों का पूरी तरह पालन करेंगे? और यदि जनगणना कार्य में लगे किसी अधिकारी का तबादला होता है तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा।