बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में सरकारी जमीनों और भवनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के प्रशासनिक दावों की पोल खोलती दो हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। एक ओर बदरवास में 38 लाख रुपए की लागत से बनी आधुनिक मृदा परीक्षण प्रयोगशाला पिछले सात वर्षों से कब्जे की गिरफ्त में है, तो दूसरी ओर कोलारस के ग्राम सेसईखुर्द में सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र पर छह साल से दबंग का कब्जा होने के कारण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
38 लाख की मृदा परीक्षण लैब बनी कब्जाधारी का घर
बदरवास तहसील कार्यालय के पीछे वर्ष 2018 में मंडी बोर्ड द्वारा कृषि विभाग के लिए करीब 38 लाख रुपए की लागत से अत्याधुनिक मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण कराया गया था। किसानों की मिट्टी की जांच और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई यह लैब शुरू होने से पहले ही कब्जे की भेंट चढ़ गई।
बताया जा रहा है कि निर्माण के दौरान जिस व्यक्ति का अतिक्रमण हटाया गया था, उसी ने भवन तैयार होते ही दोबारा कब्जा कर लिया और पूरे परिवार के साथ वहां रहने लगा। स्थिति यह है कि करोड़ों की योजनाओं की बात करने वाला तंत्र सात साल में अपनी ही सरकारी संपत्ति को मुक्त नहीं करा पाया।
कार्रवाई के नाम पर सिर्फ पत्राचार
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कल्लू कोली के अनुसार कब्जाधारी आपराधिक प्रवृत्ति का है। विभाग द्वारा कई बार भवन खाली कराने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार धमकियां मिलीं। राजस्व विभाग को भी कई बार शिकायत भेजी गई, बावजूद इसके आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
आंगनबाड़ी केंद्र पर भी दबंग का कब्जा
कोलारस विकासखंड के ग्राम सेसईखुर्द में सरकारी आंगनबाड़ी भवन की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान आई तेज आंधी में एक ग्रामीण का टीनशेड उड़ गया था। इसके बाद उसने आंगनबाड़ी केंद्र का ताला तोड़कर भवन पर कब्जा जमा लिया और धीरे-धीरे उसे अपने घर में तब्दील कर दिया।
आरोप है कि भवन का मूल स्वरूप भी बदल दिया गया है। नतीजतन आंगनबाड़ी केंद्र अब अपने भवन में नहीं, बल्कि कार्यकर्ता के घर से संचालित किया जा रहा है। इससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और हितग्राहियों को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
जांच के बाद कार्रवाई की बात
जिला परियोजना अधिकारी धीरेंद्र सिंह जादौन ने कहा है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित फाइल तलब की गई है। जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम बोले – एफआईआर कराएं, होगी कार्रवाई
कोलारस एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के मामले में संबंधित विभाग को थाने में एफआईआर दर्ज करानी चाहिए क्योंकि सरकारी भवन पर अवैध कब्जा किया गया है। वहीं आंगनबाड़ी भवन के मामले में सीडीपीओ को बुलाकर जानकारी ली जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।