आकाश शर्मा गुना:खबर गुना शहर में दिनदहाड़े महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र झपटने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज 6 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में एक आरोपी शिवपुरी का रहने वाला बताया जा रहा है। खास बात यह है कि आरोपी कार्तिक त्यागी, शिवपुरी के प्रसिद्ध खेड़ापति मंदिर के पुजारी का बेटा बताया जा रहा है, जिसके नाम सामने आने के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
जानकारी के अनुसार, गुना की भार्गव कॉलोनी में रहने वाली 52 वर्षीय प्रेमाबाई किरार अपने घर के बाहर थीं, तभी बाइक सवार तीन युवक पहुंचे और पलक झपकते ही उनके गले से सोने का मंगलसूत्र झपटकर फरार हो गए। घटना इतनी तेजी से हुई कि महिला कुछ समझ पाती, उससे पहले बदमाश आंखों से ओझल हो चुके थे।
वारदात के बाद गुना पुलिस तुरंत हरकत में आई और शहरभर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने मात्र 6 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कार्तिक त्यागी निवासी शिवपुरी, बलदेव राठौर निवासी कमलागंज और रोहित दुबे निवासी दिल्ली के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों ने चेन स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देने से पहले गुना से ही एक बाइक चोरी की थी। इसी चोरी की बाइक का इस्तेमाल कर उन्होंने मंगलसूत्र लूटने की योजना को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए।
जांच के दौरान सामने आया कि तीनों आरोपियों की दोस्ती किसी कॉलेज या कार्यस्थल पर नहीं, बल्कि नशा मुक्ति केंद्र में हुई थी। दिल्ली निवासी रोहित दुबे पहले शिवपुरी जिले के एक नशा मुक्ति केंद्र में काम कर चुका था, जबकि कार्तिक त्यागी और बलदेव राठौर वहां इलाज के लिए भर्ती हुए थे। यहीं से तीनों के बीच संपर्क बढ़ा और बाद में यह दोस्ती कथित तौर पर अपराध की राह पर निकल पड़ी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह गैंग केवल एक वारदात तक सीमित नहीं हो सकता। इसलिए अब आरोपियों से पूछताछ कर अन्य जिलों में हुई चेन स्नैचिंग, बाइक चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों में उनकी संभावित संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
गुना पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है। वहीं इस घटना के बाद शिवपुरी और गुना दोनों जिलों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर नशा मुक्ति केंद्र में बनी दोस्ती कैसे अपराध की दुनिया तक पहुंच गई और कैसे कुछ घंटों में ही यह गैंग पुलिस के शिकंजे में आ गया।
अब पुलिस की आगे की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं। यदि पूछताछ में अन्य वारदातों का खुलासा होता है तो यह मामला और भी बड़ा रूप ले सकता है।