बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के जावरा स्थित प्रसिद्ध हुसैन टेकरी से अगवा किए गए 6 माह के मासूम आयान खान को शिवपुरी पुलिस ने शानदार कार्रवाई करते हुए सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात पुलिस ने पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर सघन चेकिंग अभियान चलाकर एक महिला और उसके साथी को गिरफ्तार किया, जो मासूम को इंदौर के रास्ते दिल्ली लेकर जा रहे थे। पुलिस की तत्परता से बच्चा सकुशल बरामद हो गया और उसे उसके माता-पिता से मिला दिया गया।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 12 बजे रतलाम पुलिस ने शिवपुरी पुलिस को सूचना दी थी कि हुसैन टेकरी से अगवा किए गए एक मासूम बच्चे को लेकर संदिग्ध आरोपी राष्ट्रीय राजमार्ग-46 के रास्ते शिवपुरी जिले की सीमा की ओर बढ़ रहे हैं। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि आरोपी शिवपुरी से होकर निकल सकते हैं।
सूचना मिलते ही कोलारस एसडीओपी संजय मिश्रा के निर्देशन में बदरवास क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी गई और कोलारस थाना व लुकवासा चौकी पुलिस को पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर तैनात कर सघन चेकिंग शुरू कर दी गई।
पुलिस के पास आरोपियों के वाहन की कोई जानकारी नहीं थी। रतलाम पुलिस ने केवल संदिग्धों के फोटो और लोकेशन साझा की थी। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन में पुलिस ने 15 से अधिक कारों और 8 से 10 यात्री बसों की गहन तलाशी ली। इस दौरान टोल प्लाजा पर कुछ समय के लिए वाहनों की लंबी कतार भी लग गई, लेकिन पुलिस ने अभियान जारी रखा।
आखिरकार इंदौर से दिल्ली जा रही कमला ट्रेवल्स की बस में पुलिस को एक महिला, एक पुरुष, 13 वर्षीय किशोर और उनके साथ 6 माह का मासूम आयान मिला। पुलिस ने तत्काल बच्चे को सुरक्षित कब्जे में लिया और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
जांच में सामने आया कि मासूम आयान खान सागर जिले का निवासी है। उसके पिता साहिल खान ने बताया कि वह अपनी पत्नी शाहीन और बेटे आयान के साथ करीब 10 दिन पहले जावरा स्थित हुसैन टेकरी पर जियारत (दीदार) के लिए आए थे। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे पूरा परिवार सो रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात महिला सोते हुए मासूम को उठाकर ले गई। लगभग 10 मिनट बाद बच्चे के गायब होने का पता चलने पर परिवार में हड़कंप मच गया और तत्काल डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस को अवगत कराया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार महिला ने अपना नाम रूपा रैगर और पुरुष ने निजाम मंसूरी बताया। दोनों राजस्थान के झालावाड़ जिले के निवासी हैं और खुद को मुंहबोला भाई-बहन बता रहे हैं। उनके साथ निजाम का 13 वर्षीय बेटा भी मौजूद था। पूछताछ के दौरान रूपा रैगर ने बताया कि उसकी कोई संतान नहीं है, इसलिए उसने बच्चे का अपहरण किया। हालांकि पुलिस इस बयान की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बच्चे को लेकर जावरा से रतलाम, उज्जैन और इंदौर पहुंचे थे। वहां से वे दिल्ली जाने वाली बस में सवार हुए और आगे निकलने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही शिवपुरी पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
बच्चे के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही उसके माता-पिता शिवपुरी पहुंच गए। चूंकि मामला रतलाम जिले के जावरा थाना क्षेत्र का था, इसलिए शिवपुरी पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद बच्चे और आरोपियों को रतलाम पुलिस के हवाले कर दिया।
शनिवार को रतलाम पुलिस आरोपियों, बच्चे और उसके परिजनों को लेकर रवाना हो गई।
फिलहाल पुलिस इस मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ संतान न होने के कारण किया गया अपहरण था या इसके पीछे किसी बड़े बाल तस्करी नेटवर्क की भूमिका भी हो सकती है। पुलिस राजस्थान और दिल्ली कनेक्शन की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे मामले का खुलासा हो सके।