माधव टाइगर रिजर्व में पहली बार होगा पक्षियों का मेगा सर्वे:7 राज्यों से पहुंचे 40 विशेषज्ञ, तीन दिन तक चलेगा वैज्ञानिक अध्ययन अभियान

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के बाघों और वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध माधव टाइगर रिजर्व अब अपनी समृद्ध पक्षी जैव विविधता को लेकर भी नई पहचान बनाने जा रहा है। रिजर्व क्षेत्र में पहली बार पक्षियों की वैज्ञानिक गणना और अध्ययन के लिए मेगा बर्ड सर्वे का आयोजन किया गया है। इस तीन दिवसीय अभियान में देश के 7 राज्यों से आए 40 पक्षी विशेषज्ञ, बर्ड वॉचर और वालंटियर्स भाग ले रहे हैं।

वन विभाग द्वारा आयोजित यह विशेष सर्वेक्षण शुक्रवार से शुरू हुआ है, जो 14 जून तक जारी रहेगा। इस दौरान विशेषज्ञों की टीमें रिजर्व के जंगलों, जलाशयों, घास के मैदानों और विभिन्न प्राकृतिक आवासों में पहुंचकर पक्षियों की प्रजातियों और उनकी संख्या का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करेंगी।

पहली बार तैयार होगा वैज्ञानिक डाटा

माधव टाइगर रिजर्व में पहली बार इतने बड़े स्तर पर पक्षियों का वैज्ञानिक सर्वे किया जा रहा है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में मौजूद स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों की पहचान करना, उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन करना और उनके प्रमुख आवास क्षेत्रों को चिन्हित करना है।

विशेषज्ञ उन क्षेत्रों का भी अध्ययन करेंगे जहां पक्षियों की संख्या अधिक है तथा जहां दुर्लभ और संवेदनशील प्रजातियां निवास करती हैं। सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़े भविष्य की संरक्षण योजनाओं और प्रबंधन रणनीतियों को मजबूत आधार प्रदान करेंगे।

ई-बर्ड एप से होगी रिकॉर्डिंग

सर्वेक्षण के दौरान आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। पक्षियों से संबंधित सभी जानकारियां ई-बर्ड एप के माध्यम से दर्ज की जा रही हैं। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो वास्तविक समय में पक्षियों की प्रजाति, संख्या, स्थान और व्यवहार संबंधी जानकारी को रिकॉर्ड करता है।

इससे एक विश्वसनीय और वैज्ञानिक डेटाबेस तैयार होगा, जो भविष्य में शोध और संरक्षण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

वनकर्मियों को भी दिया जा रहा प्रशिक्षण

अभियान के दौरान वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों को भी पक्षियों की पहचान, उनकी आवाज, व्यवहार, आवास और संरक्षण संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे वन अमले की क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में पक्षी संरक्षण गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
माधव टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार यह सर्वेक्षण केवल पक्षियों की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पूरे क्षेत्र की जैव विविधता को समझना और संरक्षण के लिए मजबूत वैज्ञानिक आधार तैयार करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रिजर्व में मौजूद जल स्रोत, घास के मैदान, घने वन क्षेत्र और प्राकृतिक आवास अनेक स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में यह सर्वेक्षण क्षेत्र की वास्तविक पक्षी संपदा को सामने लाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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