रोजगारपरक शिक्षा से खुल रहे करियर के नए रास्ते, कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में एईडीपी और स्टार्टअप गतिविधियों पर फोकस

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी में विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं नवाचार आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। महाविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यावहारिक अनुभव, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस वर्ष भी अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) के तहत बी.ए. इन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशंस तथा बी.कॉम. इन रिटेल ऑपरेशंस जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में अंतिम वर्ष के दौरान विद्यार्थियों को कंपनियों में प्रशिक्षुता (अप्रेंटिसशिप) का अवसर मिलेगा, जहां उन्हें प्रतिमाह 10 हजार से 12 हजार रुपये तक स्टाइपेंड दिए जाने का प्रावधान है।

कॉलेज प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को प्राइम मिनिस्टर इंटर्नशिप स्कीम से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ ऐसे पासआउट युवाओं को भी पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जो वर्तमान में किसी नियमित पाठ्यक्रम या नौकरी से जुड़े नहीं हैं। इससे युवाओं को इंटर्नशिप के साथ-साथ आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा।

महाविद्यालय में स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। हाल ही में आयोजित एक ऑनलाइन कार्यशाला में भारतीय इकोलॉजिस्ट एवं क्लाइमेट लीडर सुश्री सुष्मिता कृष्णन ने विद्यार्थियों को जलकुंभी से कागज निर्माण और उससे जुड़े स्टार्टअप अवसरों की जानकारी दी। इस दौरान छात्रों को नवाचार आधारित व्यवसायों की संभावनाओं से अवगत कराया गया।

प्राचार्य डॉ. पवन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता को भी अपनाना होगा। इससे वे रोजगार के नए अवसर प्राप्त करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनकर समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।
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