अवैध कॉलोनियों पर कसेगा शिकंजा, कलेक्टर अर्पित वर्मा ने गठित की जिला स्तरीय कॉलोनी सेल

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में अवैध कॉलोनियों के विकास और अनधिकृत भूखंड विक्रय पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने नगरीय क्षेत्रों में सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने तथा कॉलोनियों की वैधानिक निगरानी के लिए जिला स्तरीय कॉलोनी सेल का गठन किया है। अब कॉलोनियों के विकास, लाइसेंस, अनुमतियों और नियमों के पालन पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

अपर कलेक्टर होंगे प्रभारी

गठित कॉलोनी सेल का प्रभारी अधिकारी अपर कलेक्टर को बनाया गया है। इसके अलावा एसडीएम, संबंधित नगर निकायों के सीएमओ, पीएचई विभाग, विद्युत वितरण कंपनी, उप पंजीयक एवं तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। यह सेल विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कॉलोनियों से जुड़े मामलों की निगरानी करेगी।

नई कॉलोनियों के प्रस्तावों की होगी गहन जांच

अब जिले में प्रस्तावित होने वाली नई कॉलोनियों के लिए प्राप्त लाइसेंस आवेदन और विकास अनुमति संबंधी प्रस्तावों का प्रारंभिक परीक्षण जिला स्तरीय कॉलोनी सेल द्वारा किया जाएगा। सेल यह सुनिश्चित करेगी कि कॉलोनाइजर द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज, भूमि स्वामित्व, मास्टर प्लान, विकास योजना, सड़क, पेयजल, बिजली, जल निकासी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित सभी प्रावधान नियमों के अनुरूप हों।

भूमि विवाद और अनुमतियों की भी होगी पड़ताल

कॉलोनी विकास की अनुमति देने से पहले भूमि उपयोग, डायवर्सन, भू-अभिलेख, न्यायालयीन विवाद, राजस्व प्रकरण एवं अन्य कानूनी पहलुओं की जांच की जाएगी। संबंधित विभागों से तकनीकी अभिमत प्राप्त कर समेकित रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय कलेक्टर स्तर पर लिया जाएगा।

अवैध कॉलोनियों पर होगी कार्रवाई

जिला स्तरीय कॉलोनी सेल जिले में विकसित हो रही कॉलोनियों का सर्वेक्षण कर वैध और अवैध कॉलोनियों की सूची तैयार करेगी। यदि कोई कॉलोनी बिना वैध लाइसेंस, स्वीकृत नक्शा या आवश्यक अनुमतियों के विकसित होती पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।

हर महीने होगी समीक्षा बैठक

कॉलोनी सेल द्वारा प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शिकायतों, निरीक्षण रिपोर्ट, लंबित मामलों, जारी नोटिसों एवं प्रवर्तन कार्यवाहियों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही नागरिकों को वैध और अवैध कॉलोनियों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे गलत निवेश से बच सकें।

खरीदारों के लिए राहत भरा कदम

प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं वैधानिक भूखंड खरीदने में सहायता मिलेगी।
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