खाद संकट, ई-टोकन और राजस्व समस्याओं को लेकर किसानों का प्रदर्शन

Nikk Pandit
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भारतीय किसान संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी

बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के किसानों ने बुधवार को भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था, ई-टोकन की समस्या, फार्मर आईडी और राजस्व प्रकरणों के निराकरण को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने कहा कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

किसानों ने आरोप लगाया कि ई-टोकन सर्वर की धीमी गति के कारण खेती के महत्वपूर्ण समय में खाद प्राप्त करने में भारी परेशानी हो रही है। कई सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध नहीं है, जबकि नगद खाद वितरण केंद्र भी बंद पड़े हैं। किसानों ने मांग की कि सभी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए और बंद केंद्रों को तत्काल शुरू किया जाए।

भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बृजेश सिंह धाकड़ ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बन पाई है। इसके कारण किसान ई-टोकन बुकिंग और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पटवारी गांव-गांव जाकर फार्मर आईडी बनाने और ई-टोकन बुकिंग की प्रक्रिया पूरी कराएं।

ज्ञापन में किसानों ने नामांतरण, फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और नाम सुधार जैसे राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण की मांग भी उठाई। किसानों का कहना है कि लंबे समय से लंबित प्रकरणों के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले उन किसानों का मुद्दा भी उठाया जिनकी भुगतान राशि उनके खातों में न पहुंचकर अन्य खातों में स्थानांतरित हो गई है। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच कर प्रभावित किसानों को जल्द भुगतान दिलाने की मांग की।

ज्ञापन में बैराड़ तहसील के ग्राम खटका-आबादपुर में वर्ष 2002 में हरिजन एवं आदिवासी परिवारों को दिए गए पट्टों का लाभ दिलाने, लंबित सीमांकन प्रकरणों के निराकरण और अवैध कब्जे हटाकर पात्र परिवारों को उनका अधिकार दिलाने की भी मांग की गई।

अब बड़ा सवाल यह है कि खरीफ सीजन के बीच खाद और ई-टोकन की समस्याओं से जूझ रहे किसानों को राहत कब मिलेगी? क्या प्रशासन किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई करेगा या फिर जिले में किसान आंदोलन की राह पकड़ेंगे?
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