सामूहिक प्रयासों से ही संभव होगा पर्यावरण संरक्षण : पंडित सिद्धांत पाठक

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी: खबर शिवपुरी जिले में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा सनातन, जिला शिवपुरी द्वारा साप्ताहिक गोष्ठी का आयोजन वार्ड क्रमांक 9 स्थित महल कॉलोनी में पंडित राजेश बिहारी पाठक के निवास पर किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पंडित सिद्धांत पाठक (व्याख्याता) ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह याद दिलाता है कि पृथ्वी केवल हमारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की भी अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण जैसी चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं। इनसे निपटने के लिए सरकारों, वैज्ञानिकों, उद्योगों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा। यदि हम प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलेंगे, तभी स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य का निर्माण संभव होगा।

पर्यावरण ही जीवन का आधार : कुंज बिहारी पाराशर
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे पंडित कुंज बिहारी पाराशर ने कहा कि पर्यावरण केवल पेड़-पौधों, नदियों, पहाड़ों और जीव-जंतुओं का समूह नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण जीवन का आधार है। स्वच्छ वायु, शुद्ध जल, उपजाऊ भूमि और संतुलित जलवायु मानव अस्तित्व के लिए अनिवार्य हैं।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन, जंगलों की कटाई और बढ़ते प्रदूषण के कारण पर्यावरणीय असंतुलन पैदा हो रहा है, जिसका प्रभाव मानव स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है।

जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती : कैलाश नारायण भार्गव

जिला संयोजक पंडित कैलाश नारायण भार्गव ने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन विश्व की सबसे गंभीर पर्यावरणीय समस्याओं में से एक है। वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ती मात्रा के कारण पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप बाढ़, सूखा, चक्रवात, जंगलों में आग, अत्यधिक गर्मी और ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

प्लास्टिक प्रदूषण पर जताई चिंता

संगठन मंत्री पंडित कैलाश नारायण मुद्गल ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण आज विश्व की सबसे बड़ी पर्यावरणीय समस्याओं में से एक बन चुका है। एक बार उपयोग होने वाला प्लास्टिक भूमि, जल और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

उन्होंने कहा कि प्लास्टिक को नष्ट होने में सैकड़ों वर्ष लगते हैं और माइक्रोप्लास्टिक अब भोजन एवं पेयजल तक पहुंच चुका है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रहा है।

हर व्यक्ति उठाए छोटे-छोटे कदम : राजेश बिहारी पाठक
कार्यक्रम के आयोजक पंडित राजेश बिहारी पाठक ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास कर बड़ा बदलाव ला सकता है। पेड़ लगाना, जल संरक्षण करना, बिजली की बचत करना, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना और प्लास्टिक के उपयोग को कम करना पर्यावरण बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

पोहरी रोड पर होगा वृक्षारोपण

गोष्ठी के दौरान पंडित नरहरी प्रसाद अवस्थी ने संकल्प लिया कि वर्षा ऋतु शुरू होते ही पोहरी रोड के दोनों ओर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ हरियाली को बढ़ावा मिल सके।

कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित रामप्रकाश शर्मा (करसेना वाले), पंडित प्रभुदयाल चतुर्वेदी, एन.पी. अवस्थी, सुरेंद्र पाठक, गजानंद शर्मा सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। अंत में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित हरगोविंद शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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