कोलारस की NEET छात्रा का हल्द्वानी में मिला शव, डायरी की एक लाइन ने बढ़ाई जांच

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के कोलारस की 19 वर्षीय अंजलि जाटव का शव उत्तराखंड के हल्द्वानी में उसके पीजी कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। अंजलि वहां एक निजी कोचिंग संस्थान से NEET की तैयारी कर रही थी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन उसकी डायरी में लिखी एक लाइन—"एक को छोड़ दिया है, दूसरे को नहीं छोड़ूंगी"—अब जांच का अहम आधार बन गई है।

जानकारी के अनुसार, कोलारस के मानीपुरा निवासी रघुवीर जाटव की बेटी अंजलि 30 मई को हल्द्वानी गई थी। उसने एक निजी कोचिंग संस्थान में प्रवेश लिया था और उसकी नियमित कक्षाएं 29 जून से शुरू होने वाली थीं। मंगलवार देर रात एक युवक ने अंजलि की सहेली को फोन कर बताया कि वह फोन नहीं उठा रही है।

 सूचना मिलने पर पुलिस पीजी पहुंची। कमरा अंदर से बंद था, जिसके बाद खिड़की की जाली काटकर अंदर प्रवेश किया गया। अंजलि दुपट्टे के फंदे से लटकी मिली। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने छात्रा का मोबाइल जब्त कर सोशल मीडिया गतिविधियों और गूगल सर्च हिस्ट्री की जांच शुरू कर दी है। साथ ही उस युवक की भी तलाश की जा रही है, जिसने घटना से पहले सहेली को फोन किया था। पुलिस का कहना है कि मौत के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

परिजनों ने बताया कि अंजलि के बड़े भाई जितेंद्र जाटव ने भी हल्द्वानी से NEET की तैयारी कर परीक्षा पास की थी और वर्तमान में AIIMS भोपाल में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार ने उसी प्रेरणा से अंजलि को भी डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए हल्द्वानी भेजा था।

फिलहाल अंजलि का परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों का कहना है कि शव के कोलारस पहुंचने और हल्द्वानी से पूरी जानकारी मिलने के बाद ही वे इस मामले में कुछ कह पाएंगे। वहीं, पुलिस डायरी, मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है।
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