बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के पोहरी तहसील के ग्राम मचाखुर्द में जमीनों पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। कई भू-स्वामियों ने आरोप लगाया है कि 22 जून की रात अज्ञात लोगों ने उनके प्लॉटों पर टपरियां और झोपड़ियां खड़ी कर कब्जा कर लिया। मामले की शिकायत पोहरी एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी से की गई है।
सुबह पहुंचे तो जमीन पर खड़ी थीं झोपड़ियां
शिकायतकर्ताओं के अनुसार जब वे मंगलवार सुबह अपने प्लॉटों पर पहुंचे तो वहां टपरियां और झोपड़ियां बनी हुई मिलीं। इससे वे हैरान रह गए। उनका आरोप है कि यह कब्जा सुनियोजित तरीके से रातों-रात किया गया है।
रजिस्ट्रीशुदा प्लॉट पर कब्जे का आरोप
भटनावर निवासी मातादीन गुप्ता और उमा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने ग्राम मचाखुर्द के खसरा नंबर 313/1/2 में 2100 वर्गफीट का प्लॉट विधिवत रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदा था। आरोप है कि 22 जून की मध्यरात्रि में अज्ञात लोगों ने उनकी जमीन पर झोपड़ियां बनाकर कब्जा कर लिया। उन्होंने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
रास्ता भी हुआ बंद
समसपुर निवासी राजकुमार धाकड़ और संजय कुमार धाकड़ ने भी इसी खसरा नंबर में अपने प्लॉट होने की जानकारी देते हुए कहा कि अवैध कब्जे के कारण उनके प्लॉट के सामने का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है।
कई लोगों ने की शिकायत
किशनगंज निवासी राहुल नामदेव, मनीष नामदेव और भगवानलाल सोनी सहित अन्य लोगों ने भी इसी प्रकार की शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उनके प्लॉटों के सामने भी झोपड़ियां खड़ी कर दी गई हैं, जिससे रास्ते बंद हो गए हैं और जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है।
एक ही रात में कई स्थानों पर कब्जे की आशंका
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जिस तरह एक ही रात में कई प्लॉटों के सामने झोपड़ियां खड़ी की गई हैं, उससे यह मामला सुनियोजित प्रतीत होता है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
SDM ने दिए जांच के निर्देश
मामले पर पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता ने कहा कि उन्हें अवैध कब्जे की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार और थाना प्रभारी को मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि भू-स्वामियों की जमीनों से कथित अतिक्रमण कब तक हटाया जाता है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।