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| धराशाई छत |
शिवपुरी। बदरवास विकासखंड के ग्राम चक मोहम्मदपुर में शुक्रवार की दोपहर करीब 2:20 बजे एक बड़ा हादसा टल गया। यहां मिडिल स्कूल की जर्जर छत अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि स्कूल शिक्षक विहीन होने के कारण मिडिल स्कूल के बच्चों को प्राइमरी स्कूल की इमारत में बिठाकर पढ़ाया जा रहा था। हादसे के वक्त कमरे में कोई मौजूद नहीं था, वरना कई बच्चों की जान पर बन आती। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छत का मलबा सीधे उन बेंचों पर गिरा जहां सामान्य दिनों में बच्चे बैठकर पढ़ाई करते हैं। अगर स्कूल का संचालन हो रहा होता तो कई बच्चे और शिक्षक मलबे के नीचे दबना तय था। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। अभिभावक दौड़कर स्कूल पहुंचे और अपने बच्चों को सुरक्षित देख राहत की सांस ली। घटना की जानकारी लगते ही बीआरसीसी अंगद सिंह तोमर, डीपीसी डीएस सिकरवार व डीईओ आकाश यादव स्कूल का निरीक्षण करने के लिए रवाना हो गए हैं। प्रशासन अब नुकसान का जायजा ले रहा है।
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| छत पर रखी टंकी भी गिरी |
शिक्षिका को था पहले से अंदेशा, बीआरसीसी को लिखा था पत्र
मिडिल स्कूल के प्रभारी पहलवान सर के रिटायर होने के बाद स्कूल शिक्षक विहीन हो गया था। अप्रैल में प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका पूजा बिजौले को मिडिल स्कूल का भी चार्ज दिया गया था। शिक्षिका पूजा बिजौले ने बताया, उन्हें पहले से अंदेशा था कि इमारत क्षतिग्रस्त है। इसी डर से मैं इस भवन में शाला संचालन नहीं कर रही थी। मिडिल के बच्चों को प्राइमरी भवन में ही बिठाती थी। शिक्षिका के अनुसार उन्होंने स्कूल की जर्जर इमारत को सुधरवाने के लिए बीआरसीसी कार्यालय में कई पत्र दिए थे, लेकिन उन पत्रों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
नरवर में गिर चुकी है बच्चों पर छत, फिर भी नहीं चेते अफसर
यह पहला मामला नहीं है। पिछले सत्रों में भी जिले में कई स्कूलों की इमारतें ढह चुकी हैं। नरवर क्षेत्र में एक स्कूल की छत बच्चों के ऊपर गिरने से कई छात्र घायल भी हुए थे। हर बार बच्चों की जान बाल-बाल बचती है, लेकिन जिम्मेदार तब जागते हैं जब हादसा हो जाता है। बारिश का मौसम शुरू हो चुका है। अगर अधिकारियों ने अब भी जर्जर स्कूल भवनों को चिन्हित कर उनमें शाला संचालन बंद कर मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया तो कोई बड़ा हादसा घटित होना तय है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिले के सभी स्कूलों का सेफ्टी आडिट कराया जाए और खतरनाक भवनों को तत्काल डिस्मेंटल किया जाए।
इनका कहना है -
यह मिडिल स्कूल शिक्षक विहीन था, इसलिए बच्चों को प्राइमरी स्कूल भवन में बिठाकर पढ़ाया जा रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही हम गांव पहुंच गए हैं। सबसे पहले स्कूल की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। स्कूल भवन में सुधार के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए जाएंगे। इसके लिए इंजीनियरों की टीम से पूरे भवन का तकनीकी निरीक्षण करवाया जाएगा। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर इस्टीमेट तैयार कर स्वीकृति के लिए राज्य शिक्षा केंद्र को भेजा जाएगा। हमारा प्रयास रहेगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो - डीएस सिकरवार, डीपीसी शिवपुरी


