बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के कोलारस वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने खैर की अवैध कटाई करने वाले एक अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पेट्रोल चालित चेनसॉ से 33 हरे-भरे खैर के पेड़ों को काट दिया था। इस कार्रवाई में वन विभाग ने तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो वाहन, चेनसॉ मशीन और बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी भी जब्त की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
वन विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई खरई सब रेंज की अटामानपुर बीट के आरएफ-100 कक्ष में की गई। विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर जंगल में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वन अमले ने मौके पर पहुंचकर चारों ओर से घेराबंदी की और छह आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि गिरोह ने पेट्रोल से चलने वाली चेनसॉ मशीन की मदद से 33 हरे-भरे खैर के पेड़ों को काट डाला। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इन पेड़ों पर पक्षियों के कई घोंसले बने हुए थे। कटाई के दौरान घोंसले पूरी तरह नष्ट हो गए और उनमें रखे अंडे भी टूट गए। वन विभाग ने इसे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को गंभीर क्षति मानते हुए भारतीय वन अधिनियम, 1927 के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत भी प्रकरण दर्ज किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में श्योपुर जिले के सेसईपुरा निवासी मुकेश उर्फ मुक्की यादव, मुकेश यादव, सुमरण आदिवासी और छोटू यादव शामिल हैं। वहीं शिवपुरी जिले के पोहरी क्षेत्र के अतवई निवासी अमन यादव तथा कड़वानी निवासी दीपेंद्र उर्फ वीपेन्द्र को भी गिरफ्तार किया गया है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी गोपाल सिंह जाटव ने बताया कि पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी मुकेश उर्फ मुक्की यादव ने स्वीकार किया है कि उसका गिरोह पहले भी शिवपुरी के पोहरी और श्योपुर के कूनो क्षेत्र के जंगलों में खैर की अवैध कटाई और तस्करी कर चुका है। उन मामलों में भी गिरोह के खिलाफ वन अपराध दर्ज हैं और विभाग उनकी विस्तृत जांच कर रहा है।
वन विभाग का कहना है कि जंगलों की अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी और वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जंगलों और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।