जेसीबी से धान की फसल नष्ट कराकर 50 साल पुराना रास्ता कराया मुक्त:300 ग्रामीणों को मिली राहत

Nikk Pandit
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खबर:शिवपुरी जिले की नरवर तहसील के ग्राम धमधौली में लंबे समय से बंद पड़े एक पुराने रास्ते को प्रशासन ने कब्जे से मुक्त कराकर ग्रामीणों की आवाजाही के लिए खोल दिया। शुक्रवार को तहसीलदार, राजस्व अमले और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। इस दौरान रास्ते पर बोई गई धान की फसल को हटाकर करीब आधा किलोमीटर लंबे मार्ग को फिर से आवागमन के लिए बहाल कराया गया।

ग्रामीणों के अनुसार, यह रास्ता करीब 50 साल पुराना है और गांव के लगभग 300 लोगों की दैनिक आवाजाही का प्रमुख माध्यम रहा है। पिछले करीब चार-पांच महीनों से रास्ता बंद होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को हो रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने के बाद उन्हें खेतों के किनारे बने संकरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था।

सीमांकन के बाद रास्ता किया गया था बंद

ग्रामीण सुनील परिहार के मुताबिक, करीब पांच महीने पहले गांव के कुछ लोगों द्वारा खेतों से सटे इस पुराने रास्ते को बंद कर दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते के हिस्से पर बाद में धान की फसल भी बो दी गई, जिससे लोगों की सामान्य आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई।

ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग उनके लिए केवल एक रास्ता नहीं बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ग्रामीण इसी रास्ते से खेतों, गांव के दूसरे हिस्सों और आवश्यक स्थानों तक पहुंचते रहे हैं। रास्ता बंद होने के बाद उन्हें वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ा, जिससे दूरी और परेशानी दोनों बढ़ गईं।

गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी

रास्ता बंद होने के बाद ग्रामीणों को किनारे से होकर निकलना पड़ रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि संकरे और असुविधाजनक रास्ते के कारण सामान्य आवाजाही भी मुश्किल हो गई थी।

ग्रामीणों ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को कई बार खटिया पर लेकर रास्ते से गुजरना पड़ता था, जबकि छोटे बच्चों को गोद में लेकर लोगों को निकलना पड़ता था। ऐसे हालात में किसी आपात स्थिति में ग्रामीणों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता था।

इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से रास्ता खुलवाने की मांग शुरू की। स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई।

कलेक्टर और एसपी से की शिकायत

रास्ता खुलवाने के लिए ग्रामीणों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने नरवर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर पुराने रास्ते को कब्जे से मुक्त कराने और आवागमन बहाल कराने की मांग की थी।

लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर जाकर स्थिति की जांच करने का निर्णय लिया।

प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ पहुंचा

शुक्रवार को नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी राजस्व अमले और पुलिस बल के साथ ग्राम धमधौली पहुंचे। मौके पर रास्ते की स्थिति और ग्रामीणों की शिकायत से जुड़े तथ्यों को देखा गया।

प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में रास्ते पर किए गए कब्जे को हटाने की कार्रवाई की गई। रास्ते के जिस हिस्से पर धान की फसल बोई गई थी, उसे जेसीबी की मदद से हटाया गया। इसके बाद लगभग आधा किलोमीटर लंबे रास्ते को ग्रामीणों की आवाजाही के लिए फिर से खोल दिया गया।

कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लंबे समय से बंद रास्ते के खुलने से करीब 300 ग्रामीणों को सीधे तौर पर फायदा मिलने की बात सामने आई है।

खसरा नंबर 302 पर था कब्जे का मामला

नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर के निर्देशानुसार राजस्व अमले और पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई।

तहसीलदार के अनुसार, खसरा नंबर 302 पर करीब आधा किलोमीटर हिस्से में रास्ते पर कब्जा कर धान की फसल बोई गई थी। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर रास्ते को खुलवाया और ग्रामीणों की आवाजाही बहाल कराई।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित रास्ता शासकीय रास्ता नहीं है। हालांकि, यह मार्ग लगभग 50 साल पुराना है और लंबे समय से ग्रामीणों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल होता रहा है। इसी वजह से सभी संबंधित पक्षों को समझाइश देकर रास्ते को खोलने की कार्रवाई की गई।

भविष्य में रास्ता खराब न हो, इसके लिए भी तैयारी

प्रशासन ने केवल रास्ता खुलवाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। तहसीलदार के मुताबिक, अब इस रास्ते को ग्रामीणों के लिए सुगम बनाने के लिए मुरम आदि डलवाने की प्रक्रिया की जा रही है।

इससे बारिश या खराब मौसम के दौरान रास्ते पर कीचड़ और जलभराव जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रास्ते को व्यवस्थित तरीके से तैयार कर दिया जाता है तो भविष्य में आवागमन में परेशानी नहीं होगी।

चार महीने से परेशान ग्रामीणों को राहत

ग्रामीणों के मुताबिक, रास्ता बंद होने के कारण वे करीब चार महीने से परेशानी झेल रहे थे। लगातार शिकायतों और प्रशासन से गुहार के बाद आखिरकार रास्ता खुल सका।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि यह रास्ता दोबारा बंद नहीं होगा और गांव के लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही सुचारू रूप से जारी रहेगी।

इस पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई ने ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान किया है। हालांकि संबंधित भूमि और रास्ते को लेकर भविष्य में कोई विवाद न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा स्पष्ट व्यवस्था और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल रास्ता खुलने के बाद धमधौली के करीब 300 ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।

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