बंटी शर्मा शिवपुरी;खबर शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील के ग्राम दीघोद स्थित शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकान में अनाज वितरण को लेकर बड़ी अनियमितता सामने आई है। प्रशासन द्वारा की गई जांच में इलेक्ट्रॉनिक मशीन में दर्ज स्टॉक और दुकान पर उपलब्ध वास्तविक अनाज में भारी अंतर मिला है। मशीन में करीब 70 क्विंटल अनाज स्टॉक में दर्ज था, जबकि मौके पर सिर्फ 16.5 क्विंटल अनाज ही मिला। करीब 53.5 क्विंटल अनाज का अंतर मिलने के बाद प्रशासन ने मौके पर पंचनामा तैयार कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम दीघोद के ग्रामीण लंबे समय से राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन से चार महीने से उन्हें नियमित रूप से राशन नहीं दिया जा रहा था। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज ग्रामीणों ने कोलारस एसडीएम से शिकायत कर चेतावनी दी थी कि यदि समय पर राशन नहीं मिला तो वे चक्काजाम करेंगे।
ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन हरकत में आया। नायब तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने राशन दुकान का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक पॉस मशीन में लगभग 70 क्विंटल अनाज स्टॉक में दर्ज मिला, लेकिन जब दुकान में मौजूद अनाज का भौतिक सत्यापन किया गया तो वहां केवल 8.5 क्विंटल गेहूं और 8 क्विंटल चावल, यानी कुल 16.5 क्विंटल अनाज ही मिला। मशीन और वास्तविक स्टॉक के बीच 53.5 क्विंटल अनाज का अंतर पाए जाने पर अधिकारियों ने तत्काल पंचनामा तैयार किया और पूरे मामले की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने राशन दुकान के सेल्समैन दिलीप जाटव पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि हितग्राहियों का राशन नियमित रूप से नहीं दिया जाता था और लंबे समय से अनियमित वितरण किया जा रहा था। कई पात्र परिवारों को महीनों तक राशन नहीं मिला, जबकि रिकॉर्ड में वितरण दर्शाया जाता रहा। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कोलारस के एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध अनाज में बड़ा अंतर मिला है। पूरे मामले का पंचनामा तैयार कर लिया गया है। संबंधित प्रबंधन एवं सेल्समैन से जवाब तलब किया जाएगा। जवाब प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और ग्रामीणों को उम्मीद है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी तथा भविष्य में उन्हें समय पर राशन उपलब्ध कराया जाएगा।