बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मजदूरों से भरी एक लोडिंग वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में छह मजदूर घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, दीघोद कंचनपुरा गांव के मजदूर रोजाना की तरह बुधवार सुबह लोडिंग वाहन में सवार होकर अम्हारा गांव मजदूरी करने जा रहे थे। वाहन में सभी मजदूर बैठे हुए थे और वे अपने काम पर पहुंचने की तैयारी में थे। इसी दौरान एजवारा रोड स्थित सड़ गांव के पास वाहन चालक का संतुलन अचानक बिगड़ गया। देखते ही देखते लोडिंग वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसा इतना तेज था कि वाहन में बैठे मजदूर इधर-उधर गिर पड़े और कई लोग वाहन के नीचे दब गए।
दुर्घटना होते ही आसपास से गुजर रहे राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद में जुट गए। लोगों ने बिना समय गंवाए डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 के पायलट हर्षवर्धन भार्गव एवं एसआई राकेश शिवहरे पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी घायलों को वाहन से सुरक्षित बाहर निकाला गया और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बदरवास पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया।
हादसे में घायल होने वालों में विनोद आदिवासी (28 वर्ष), जनवेद आदिवासी (30 वर्ष), रतन आदिवासी (30 वर्ष), फूल सिंह आदिवासी (18 वर्ष), राजू आदिवासी (30 वर्ष) निवासी दीघोद कंचनपुरा तथा अजय राजपूत (25 वर्ष) निवासी करैरा शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार राजू आदिवासी को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा वाहन के अनियंत्रित होने के कारण हुआ। हालांकि वाहन चालक का संतुलन किस वजह से बिगड़ा, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस घटना ने एक बार फिर मजदूरों के परिवहन में बरती जा रही लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को अक्सर मालवाहक वाहनों में बैठाकर काम पर ले जाया जाता है, जिससे दुर्घटना होने पर बड़ा खतरा बना रहता है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।