बंटी शर्मा शिवपुरी;खबर शिवपुरी जिले के कोलारस नगर में स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं का विरोध तेज होता जा रहा है। बुधवार को वार्ड क्रमांक-1 स्थित लोधी मोहल्ला के बड़ी संख्या में रहवासी बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे और स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर उपयंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। रहवासियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से उनके बिजली बिल पहले की तुलना में काफी अधिक आने लगे हैं। इससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों ने विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पुराने बिजली मीटर दोबारा लगाने की मांग की है।
रहवासियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले उनके बिजली बिल सामान्य आते थे, लेकिन नए मीटर लगने के बाद अचानक बिलों में काफी बढ़ोतरी हो गई है। उनका आरोप है कि कई उपभोक्ताओं के बिल पहले से कई गुना अधिक आ रहे हैं, जबकि बिजली की खपत में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में आम परिवारों के लिए बिजली का बढ़ा हुआ खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है।
प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि स्मार्ट मीटर योजना लागू की जा रही है तो पूरे कोलारस नगर में एक साथ मीटर लगाए जाने चाहिए थे। उनका आरोप है कि केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ही स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, जबकि अन्य मोहल्लों में अब भी पुराने मीटर लगे हुए हैं। ऐसे में केवल लोधी मोहल्ला के लोगों को इस व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है, जो उनके अनुसार उचित नहीं है।
ज्ञापन में रहवासियों ने मांग की है कि यदि पूरे नगर में एक साथ स्मार्ट मीटर लगाने की योजना नहीं है तो उनके क्षेत्र से भी स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाए जाएं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता और उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। लोगों ने विभाग से उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेने और पारदर्शी तरीके से जांच कराने की मांग की।
रहवासियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे न्यायालय की शरण लेने के लिए मजबूर होंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि विभाग ने समस्या का समाधान नहीं किया तो वे अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटर हटाने जैसे कदम पर भी विचार करेंगे। लोगों का कहना है कि वे किसी नई तकनीक के विरोधी नहीं हैं, लेकिन यदि उससे उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।
वहीं, बिजली विभाग के कनिष्ठ यंत्री (जेई) पवन कुशवाह ने बताया कि विभाग को रहवासियों की शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शंका दूर करने के लिए संबंधित कनेक्शनों पर चेक मीटर लगाकर बिजली खपत का परीक्षण कराया जाएगा। जांच के दौरान स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग का मिलान किया जाएगा। यदि किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या त्रुटि सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बिजली विभाग ने जांच का भरोसा दिया है, जबकि रहवासी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है और क्या उपभोक्ताओं की शिकायतें सही साबित होती हैं या फिर स्मार्ट मीटर पूरी तरह सही पाए जाते हैं।