राजस्व टीम के सामने राशन की बोरियां उठा ले गए ग्रामीण:3-4 महीने से राशन नहीं मिलने की शिकायत पर जांच करने पहुंची थी टीम, करीब 10 क्विंटल गेहूं ले जाने का आरोप; सेल्समैन ने थाने में दी शिका

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के कोलारस तहसील के उन्हाई गांव में गुरुवार को राशन वितरण के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब राशन नहीं मिलने की शिकायत की जांच करने पहुंची राजस्व विभाग की टीम के सामने ही कुछ ग्रामीण राशन दुकान में रखी गेहूं की बोरियां उठाकर ले गए। बताया जा रहा है कि ग्रामीण करीब 10 क्विंटल राशन दुकान से ले गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ ग्रामीण राशन की बोरियां उठाकर ले जाते हुए नजर आ रहे हैं।

मामले को लेकर राशन दुकान के सेल्समैन गोपाल जाटव ने तेंदुआ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं प्रशासन की ओर से राशन के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

3-4 महीने से राशन नहीं मिलने की शिकायत

जानकारी के अनुसार, उन्हाई गांव के ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी कि उन्हें पिछले तीन से चार महीने से राशन नहीं मिल रहा है।
 ग्रामीणों की शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को राजस्व विभाग की टीम जांच के लिए गांव पहुंची थी।

इसी दौरान राशन दुकान का सेल्समैन गोपाल जाटव भी अगस्त और सितंबर माह का राशन वितरित करने के लिए मौके पर पहुंचा था। राशन वितरण के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखी और कहा कि उन्हें पिछले कई महीनों से नियमित रूप से राशन नहीं मिल रहा है।

ग्रामीणों की शिकायत और मौके की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने पंचनामा तैयार किया। इसी प्रक्रिया के दौरान विवाद की स्थिति बन गई।

राजस्व टीम के सामने राशन की बोरियां ले गए ग्रामीण
पंचनामा तैयार किए जाने के दौरान कुछ ग्रामीण राशन दुकान में रखी गेहूं की बोरियां उठाकर बाहर ले जाने लगे। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों द्वारा ले जाया गया राशन करीब 10 क्विंटल था।

घटना के दौरान मौके पर राजस्व विभाग की टीम भी मौजूद थी। इसी वजह से मामले ने गंभीर रूप ले लिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कुछ ग्रामीण राशन की बोरियां उठाकर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

राशन दुकान के सेल्समैन गोपाल जाटव ने इस घटना के बाद तेंदुआ थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। सेल्समैन की शिकायत के बाद पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

आखिर ग्रामीणों ने क्यों उठाया राशन?

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि ग्रामीणों ने राशन की बोरियां उठाकर क्यों ले गईं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कई महीनों से राशन नहीं मिल रहा था और इसी को लेकर उन्होंने प्रशासन से शिकायत की थी।
जब राजस्व विभाग की टीम शिकायत की जांच के लिए गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखी। इसी दौरान राशन दुकान में मौजूद स्टॉक को लेकर भी स्थिति सामने आई।

हालांकि राशन की बोरियां ग्रामीणों द्वारा ले जाना नियमों के मुताबिक था या नहीं, यह जांच का विषय है। प्रशासन द्वारा स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है, जिसके बाद राशन की वास्तविक उपलब्धता और वितरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अगस्त-सितंबर के राशन वितरण में सामने आई कमी
कोलारस एसडीएम शिव दयाल धाकड़ ने बताया कि ग्रामीणों ने राशन नहीं मिलने की शिकायत की थी। शिकायत की जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि सेल्समैन को अगस्त और सितंबर माह का राशन वितरित करना था।

एसडीएम के अनुसार, अब तक केवल 15.90 प्रतिशत राशन ही वितरित किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में राशन के शेष स्टॉक की स्थिति का पता लगाने के लिए प्रशासन द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।

प्रशासन यह भी देख रहा है कि राशन दुकान के रिकॉर्ड में कितना स्टॉक दर्ज है, वास्तव में दुकान पर कितना राशन मौजूद था और कितना राशन हितग्राहियों को वितरित किया गया।

स्टॉक का भौतिक सत्यापन जारी

प्रशासन की टीम अब राशन दुकान के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर रही है। सत्यापन के दौरान उपलब्ध राशन, वितरण रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा।

यदि जांच में राशन वितरण में किसी प्रकार की
 अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं ग्रामीणों द्वारा राशन की बोरियां उठाकर ले जाने की शिकायत पर भी पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच तथ्यों के आधार पर की जाएगी और किसी भी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई जांच के निष्कर्ष के आधार पर होगी।

जिले में राशन व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त

गौरतलब है कि जिले में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर कलेक्टर अर्पित वर्मा द्वारा अधिकारियों को सख्ती से निगरानी और जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में राशन दुकानों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की जांच की जा रही है।

उन्हाई गांव की घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। एक तरफ ग्रामीण पिछले कई महीनों से राशन नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राशन दुकान से ग्रामीणों द्वारा बोरियां उठाकर ले जाने की घटना सामने आई है।

अब पूरे मामले में प्रशासन की जांच रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। स्टॉक सत्यापन के बाद यह स्पष्ट होगा कि राशन की वास्तविक स्थिति क्या थी, कितना राशन वितरित किया गया और कितनी मात्रा शेष थी।

फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है और सेल्समैन की शिकायत के आधार पर पुलिस भी मामले की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
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