राशन गबन पर प्रशासन का बड़ा शिकंजा:4 दुकानदारों से वसूले जाएंगे ₹21.75 लाख

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा:खबर गरीब और पात्र हितग्राहियों के हिस्से का राशन खुर्द-बुर्द करने वालों के खिलाफ शिवपुरी प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देश पर पिछोर अनुविभाग में शासकीय उचित मूल्य दुकानों की जांच के बाद चार राशन दुकानों के विक्रेताओं और सह-विक्रेताओं के खिलाफ बड़ी वसूली की कार्रवाई की गई है।

जांच में खाद्यान्न की कमी और गबन सामने आने के बाद संबंधित विक्रेताओं से कुल 21 लाख 75 हजार 941 रुपए की राशि भू-राजस्व की भांति वसूल करने के आदेश जारी किए गए हैं। वसूली की जिम्मेदारी तहसीलदार पिछोर और तहसीलदार खनियांधाना को सौंपी गई है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से राशन वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी करने वाले विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
चमरौआ दुकान में 196 क्विंटल खाद्यान्न का गबन
सबसे बड़ी कार्रवाई शासकीय उचित मूल्य दुकान चमरौआ के तत्कालीन विक्रेता के खिलाफ हुई है। जांच में तत्कालीन विक्रेता सुरेंद्र यादव पुत्र हरिसिंह यादव, निवासी ग्राम पौठयाई, तहसील खनियांधाना द्वारा कुल 196 क्विंटल खाद्यान्न के गबन का मामला सामने आया।

मामले में मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2015 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के उल्लंघन के चलते थाना खनियांधाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा चुकी है।

अब प्रशासन ने गबन किए गए खाद्यान्न की बाजार दर के आधार पर सुरेंद्र यादव से 9 लाख 73 हजार 642 रुपए की वसूली करने के आदेश दिए हैं। यह राशि भू-राजस्व की भांति वसूल की जाएगी। वसूली की कार्रवाई के लिए तहसीलदार खनियांधाना को जिम्मेदारी दी गई है।

महोबा डामरौन में 245 क्विंटल खाद्यान्न कम मिला
दूसरी बड़ी कार्रवाई शासकीय उचित मूल्य दुकान महोबा डामरौन के मामले में सामने आई है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पिछोर द्वारा किए गए औचक निरीक्षण और मौके पर खाद्यान्न के भौतिक सत्यापन में करीब 245 क्विंटल खाद्यान्न कम पाया गया।

जांच के बाद संबंधित विक्रेता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। प्रशासन की जांच में खाद्यान्न का अपयोजन प्रमाणित पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई।

इस मामले में दुकान के विक्रेता जयकिशन लोधी, निवासी ग्राम दुल्हई और सह-विक्रेता संजीव लोधी, निवासी ग्राम महोबा डामरौन से कुल 7 लाख 31 हजार 463 रुपए की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं।
यह राशि भी भू-राजस्व की भांति वसूल की जाएगी। तहसीलदार पिछोर को वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बघरवारा दुकान में गेहूं-चावल-नमक की कमी
तीसरा मामला शासकीय उचित मूल्य दुकान बघरवारा से जुड़ा है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा की गई जांच में दुकान के निर्धारित स्टॉक की तुलना में 3,794 किलोग्राम गेहूं, 1,464 किलोग्राम चावल और 56 किलोग्राम नमक कम पाया गया।

संबंधित विक्रेता को नोटिस जारी किया गया, लेकिन जवाब नहीं मिलने के बाद प्रशासन ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की।

इस मामले में विक्रेता सतेन्द्र लोधी पुत्र गयाराम लोधी, निवासी ग्राम बघरवारा से कुल 1 लाख 65 हजार 632 रुपए की वसूली के आदेश दिए गए हैं।

दुल्हई दुकान का प्रभार नहीं सौंपना पड़ा भारी
चौथा मामला शासकीय उचित मूल्य दुकान दुल्हई से संबंधित है। प्रशासन की जांच में सामने आया कि तत्कालीन विक्रेता जयकिशन लोधी पुत्र मनिराम लोधी, निवासी ग्राम दुल्हई द्वारा दुकान का प्रभार नहीं सौंपा गया।

इस दौरान पीओएस मशीन में प्रदर्शित खाद्यान्न के खुर्द-बुर्द किए जाने का मामला सामने आया। जांच में कुल 88.39 क्विंटल खाद्यान्न का मामला सामने आया, जिसकी बाजार भाव के अनुसार कीमत 3 लाख 5 हजार 204 रुपए निर्धारित की गई।

प्रशासन ने उक्त राशि की भी भू-राजस्व की भांति वसूली के निर्देश दिए हैं।

चार मामलों में कुल 21.75 लाख की वसूली
पिछोर अनुविभाग में सामने आए इन मामलों में प्रशासन ने बाजार भाव के आधार पर कुल 21,75,941 रुपए की वसूली तय की है।

गरीबों के राशन में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला खाद्यान्न गरीब और पात्र हितग्राहियों के लिए होता है। ऐसे में राशन की कालाबाजारी, गबन, स्टॉक में हेराफेरी या वितरण में अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा।

प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले उचित मूल्य दुकान संचालकों और विक्रेताओं के खिलाफ वसूली के साथ-साथ आवश्यकतानुसार दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई भी जारी रहेगी।

राशन में खेल किया तो जेब से भरना पड़ेगा हिसाब
पिछोर क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने राशन दुकानों के संचालन में लापरवाही और खाद्यान्न की हेराफेरी करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया है। प्रशासन ने केवल गड़बड़ी पकड़ने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि गबन किए गए खाद्यान्न की बाजार कीमत के आधार पर लाखों रुपए की वसूली के आदेश भी जारी कर दिए हैं।

अब चार राशन दुकानों से 21.75 लाख रुपए से अधिक की वसूली होगी। प्रशासन की सख्ती से यह संदेश साफ है कि गरीबों के राशन में गड़बड़ी करने वालों से सरकारी खाद्यान्न का हिसाब लिया जाएगा।
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