किसानों को खाद नहीं मिलने की शिकायत से खुली गड़बड़ी;4.50 लाख की राशि सहित अन्य रकम जमा कराने के निर्देश:राशि नहीं लौटाने पर FIR के आदेश

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के पोहरी क्षेत्र की बी-पैक्स (बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति) छर्च में खाद वितरण और राशि के समायोजन को लेकर सामने आई कथित वित्तीय गड़बड़ी पर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सख्त रुख अपनाया। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शिवपुरी की 107वीं वार्षिक आमसभा के दौरान कलेक्टर ने मामले में संबंधित अधिकारियों को बैंक बुलवाकर पूछताछ की। जवाबों से संतुष्ट नहीं होने पर पुलिस को बैंक बुलाया गया और सहायक समिति प्रबंधक सत्यवीर यादव, समिति प्रबंधक नितेश शर्मा और पोहरी बैंक शाखा प्रबंधक नत्थीलाल शर्मा को बैंक की अकाउंट शाखा में पुलिस कस्टडी में बैठाया गया।

कलेक्टर ने बैंक के महाप्रबंधक को निर्देश दिए कि संबंधित लोगों से कथित तौर पर खुर्दबुर्द हुई राशि जमा कराई जाए। राशि जमा नहीं कराने की स्थिति में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों को खाद नहीं मिली तो सामने आई गड़बड़ी

मामला उस समय सामने आया जब छर्च क्षेत्र के किसानों ने बी-पैक्स से खाद नहीं मिलने की शिकायत की। जानकारी के मुताबिक किसानों का आरोप था कि उन्हें लंबे समय से सोसायटी से खाद नहीं मिल पा रही है।
बताया गया कि कलेक्टर अर्पित वर्मा मंगलवार को छर्च क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान किसानों ने उनके सामने खाद और अपने खातों से संबंधित समस्याएं रखीं।

किसानों ने खाद नहीं मिलने के साथ-साथ खातों के स्टेटमेंट उपलब्ध नहीं कराने की शिकायत भी की।
इसके बाद कलेक्टर ने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली। अगले दिन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शिवपुरी की वार्षिक आमसभा में इस मामले को गंभीरता से उठाया गया।

4.50 लाख की खाद राशि के समायोजन का मामला
बताया गया कि कोऑपरेटिव बैंक की ओर से बी-पैक्स छर्च को किसानों को नगद खाद उपलब्ध कराने के लिए करीब 4.50 लाख रुपए की खाद भेजी गई थी। व्यवस्था के अनुसार किसानों को खाद देने के बाद उनसे राशि वसूलकर जमा कराई जानी थी।

आरोप है कि किसानों से राशि वसूलकर जमा कराने के बजाय गेहूं-चना उपार्जन कमीशन वाले खाते से खाद की राशि का समायोजन कराया गया।

इसके अलावा करीब 12 लाख रुपए की अन्य कथित वित्तीय गड़बड़ी की बात भी सामने आई है। मामले में तत्कालीन महाप्रबंधक की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इन सभी बिंदुओं की जांच कराए जाने की बात कही गई है।

वार्षिक आमसभा में कलेक्टर ने बुलवाया सहायक प्रबंधक को

बुधवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शिवपुरी की 107वीं वार्षिक आमसभा आयोजित की गई थी। बैंक प्रशासक के रूप में कलेक्टर अर्पित वर्मा दोपहर करीब 1 बजे बैठक में पहुंचे।

बैठक के दौरान समिति अध्यक्ष अरविंद सिंह तोमर ने बी-पैक्स छर्च से जुड़ा मामला सामने रखा। इसके बाद कलेक्टर ने बी-पैक्स छर्च के सहायक समिति प्रबंधक सत्यवीर यादव को बैंक में बुलाने के निर्देश दिए।

सत्यवीर यादव के बैंक पहुंचने के बाद कलेक्टर ने उनसे खाद वितरण और राशि के समायोजन को लेकर पूछताछ की। बताया गया कि पूछताछ के दौरान समिति प्रबंधक और पोहरी शाखा प्रबंधक से भी जानकारी ली गई।

जवाबों से संतुष्ट नहीं हुए तो बैंक में बुलाई पुलिस
मामले में पूछताछ के दौरान स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर कलेक्टर ने करीब दोपहर 2 बजे बैंक में पुलिस बुलवा ली।

इसके बाद सहायक समिति प्रबंधक सत्यवीर यादव, समिति प्रबंधक नितेश शर्मा और पोहरी शाखा प्रबंधक नत्थीलाल शर्मा को बैंक की अकाउंट शाखा में पुलिस की मौजूदगी में बैठाया गया।

कलेक्टर ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के महाप्रबंधक को निर्देश दिए कि संबंधित लोगों से राशि जमा कराई जाए। यदि राशि जमा नहीं कराई जाती है तो मामले में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए।

एक साल से खाद नहीं मिलने का आरोप

छर्च क्षेत्र के किसानों की शिकायतों में यह बात भी सामने आई है कि उन्हें करीब एक साल से बी-पैक्स छर्च से खाद नहीं मिल रही थी।

किसानों ने खाद और लोन खातों के स्टेटमेंट के लिए लिखित आवेदन भी दिए थे। आरोप है कि उन्हें स्टेटमेंट उपलब्ध नहीं कराए गए। इस मामले में पोहरी एसडीएम की ओर से सहायक समिति प्रबंधक सत्यवीर यादव को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

मंगलवार को कलेक्टर के छर्च पहुंचने पर किसानों ने एक बार फिर अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं। इसके बाद बुधवार को बैंक की वार्षिक आमसभा में मामला गंभीरता से उठा।

बैंक की आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा

वार्षिक आमसभा में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़े भी सामने आए। वर्ष 2025-26 के वार्षिक प्रतिवेदन के अनुसार बैंक की कुल अमानतों में कमी दर्ज की गई है।

31 मार्च 2025 को बैंक की कुल अमानतें करीब 305.82 करोड़ रुपए थीं, जो 31 मार्च 2026 को घटकर 284.66 करोड़ रुपए रह गईं। यानी एक साल में करीब 21.15 करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई।

इसी तरह बचत खातों की राशि 194.66 करोड़ से घटकर 186.65 करोड़ रुपए और फिक्स्ड डिपॉजिट की राशि 103.60 करोड़ से घटकर 90.42 करोड़ रुपए बताई गई है।

वहीं बैंक की कार्यशील पूंजी में 93.27 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी और ऋण में 42.89 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज होने की जानकारी दी गई। बैंक का कालातीत ब्याज भी 71.66 करोड़ रुपए तक पहुंचने की बात वार्षिक प्रतिवेदन में सामने आई है।

महाप्रबंधक बोले- राशि जमा नहीं हुई तो FIR

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शिवपुरी के महाप्रबंधक आरएस भदौरिया ने कहा कि बी-पैक्स छर्च के सहायक समिति प्रबंधक, समिति प्रबंधक और पोहरी शाखा प्रबंधक को कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस की मौजूदगी में बैठाया गया है।

उन्होंने बताया कि संबंधित लोगों को नगद खाद सहित अन्य राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि राशि जमा नहीं कराई जाती है तो FIR दर्ज कराई जाएगी। मामले की जांच भी कराई जा रही है।

अब जांच पर टिकी नजर

बी-पैक्स छर्च में खाद वितरण, किसानों के खातों और राशि के समायोजन को लेकर सामने आए आरोपों ने सहकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल प्रशासन ने मामले में राशि जमा कराने और जांच के निर्देश दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वित्तीय अनियमितता कितनी हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।
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